कार्यक्रम का परिचय
प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी सर्टिफिकेट प्रोग्राम का उद्देश्य ज्योतिष की व्यावहारिक और संरचित समझ विकसित करना है, ताकि शिक्षार्थी सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़कर व्यवस्थित ढाँचों और व्यावहारिक केस स्टडी के माध्यम से जन्म कुंडली की व्याख्या कर सकें।
यह कार्यक्रम फलित ज्योतिष के आधारभूत सिद्धांतों को समझने पर केंद्रित है, जिनमें राशि कुंडली, ग्रहों की विशेषताएँ, राशियाँ, भाव, विभिन्न लग्न, तथा भाव चलित और राशि कुंडली की व्याख्या शामिल हैं। प्रतिभागी मार्गदर्शित अध्ययन और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से जानेंगे कि इन अवधारणाओं को कुंडली की व्याख्या में कैसे लागू किया जा सकता है।
यह कार्यक्रम लाइव शिक्षण को स्वतंत्र शोध के साथ जोड़ता है, जिससे प्रतिभागी कक्षा से आगे जाकर अवधारणाओं से जुड़ें और फलित ज्योतिष के प्रति अधिक व्यवस्थित दृष्टिकोण विकसित करें।
कार्यक्रम के उद्देश्य
- फलित ज्योतिष में प्रयुक्त आधारभूत अवधारणाओं की समझ को सुदृढ़ करना।
- राशि कुंडली और संरचित कुंडली-व्याख्या के सिद्धांतों से परिचय विकसित करना।
- कुंडली विश्लेषण में ग्रहों, राशियों और भावों की अलग-अलग भूमिकाओं को स्पष्ट करना।
- विभिन्न लग्नों, भाव चलित और राशि कुंडली, तथा स्क्वेयर और ट्राइन संरचनाओं के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना।
- व्यावहारिक उदाहरणों, केस स्टडी और स्वतंत्र शोध के माध्यम से अवधारणाओं के प्रयोग को प्रोत्साहित करना।
- मार्गदर्शित अध्ययन और निरंतर शैक्षणिक जुड़ाव के माध्यम से जन्म कुंडली की व्याख्या का एक व्यवस्थित दृष्टिकोण विकसित करना।
पाठ्यक्रम · 11 मॉड्यूल
पाठ्यक्रम की रूपरेखा
मॉड्यूल 1
फलित विज्ञान के रूप में ज्योतिष
ज्योतिष के व्यावहारिक प्रयोग को, और सैद्धांतिक ज्ञान से संरचित कुंडली-व्याख्या की ओर बढ़ने की प्रक्रिया को समझें।
मॉड्यूल 2
राशि कुंडली और राशि के सूत्र
फलित अवधारणाओं के अध्ययन के आधार के रूप में राशि कुंडली और उसके आधारभूत सिद्धांतों को समझें।
मॉड्यूल 3
ग्रहों के गुण
ग्रहों की विशेषताओं, उनके नैसर्गिक कारकत्वों और कुंडली-व्याख्या में उनकी भूमिकाओं का अध्ययन करें।
विंशोत्तरी दशा 6 वर्ष
सूर्य
इस समय आकाश में: तुला · स्वाति चरण 1 · 188.13°
मॉड्यूल 4
राशियों के गुण
राशियों की विशेषताओं को, और जन्म कुंडली में दर्शाई गई परिस्थितियों तथा संदर्भ को समझने में उनके महत्व को जानें।
मॉड्यूल 5
भावों के गुण
भावों द्वारा दर्शाए गए जीवन-क्षेत्रों और कुंडली विश्लेषण में उनके महत्व को समझें, जिसमें केंद्र और दुःस्थान जैसे भाव-समूह भी शामिल हैं।
चिह्नित करेंभाव 1 · मेष
Tanu तनु
केन्द्रत्रिकोण
केन्द्र: 1, 4, 7, 10 · त्रिकोण: 1, 5, 9
भाव और उनके वर्ग भाव नाम वर्ग 1 तनु केन्द्र, त्रिकोण 2 धन 3 सहज उपचय 4 सुख केन्द्र 5 पुत्र त्रिकोण 6 अरि दुःस्थान, उपचय 7 कलत्र केन्द्र 8 आयु दुःस्थान 9 धर्म त्रिकोण 10 कर्म केन्द्र, उपचय 11 लाभ उपचय 12 व्यय दुःस्थान मॉड्यूल 6
भाव और राशि: अंतर की समझ
भावों और राशियों के अलग-अलग कार्यों को, और एक-दूसरे के संबंध में उनकी व्याख्या कैसे की जाती है, इसे स्पष्ट रूप से समझें।
मॉड्यूल 7
भाव चलित और राशि कुंडली
भाव चलित और राशि कुंडली के प्रयोग को, और ग्रहों की स्थिति तथा भाव-संबंधी व्याख्याओं को समझने में उनकी भूमिका को जानें।
मॉड्यूल 8
जन्म कुंडली में विभिन्न लग्न
विभिन्न लग्नों के महत्व को समझें और व्यावहारिक केस स्टडी के माध्यम से उनके प्रयोग का अध्ययन करें।
मॉड्यूल 9
स्क्वेयर और ट्राइन संरचनाएँ
जन्म कुंडली में स्क्वेयर और ट्राइन संरचनाओं को पहचानना और उनकी व्याख्या करना सीखें, और कुंडली विश्लेषण में उनकी प्रासंगिकता का अध्ययन करें।
मॉड्यूल 10
ग्रहों के संदर्भ में स्क्वेयर और ट्राइन
ग्रहों के संदर्भ में स्क्वेयर और ट्राइन संरचनाओं के प्रयोग को, और जन्म कुंडली में उनकी व्याख्या को समझें।
मॉड्यूल 11
केस स्टडी के माध्यम से व्यावहारिक व्याख्या
कुंडली-आधारित उदाहरणों और व्यावहारिक केस स्टडी के माध्यम से कार्यक्रम में पढ़ाई गई सभी अवधारणाओं को एक साथ जोड़ें।
शोध घटक · 30 घंटे
शोध घटक
कार्यक्रम 30 घंटे के स्व-गति शोध के माध्यम से कक्षा के शिक्षण से आगे जाता है। प्रस्तावित शोध विषयों में शामिल हैं:
विषय 1
विंशोत्तरी दशा
ग्रहों से जुड़े विषयों और उनके व्याख्यात्मक महत्व का अन्वेषण।
विषय 2
ग्रह गोचर
गोचर के प्रतिरूपों का अध्ययन।
विषय 3
नवांश और दशमांश कुंडली
विवाह और व्यवसाय के अध्ययन में इनके प्रयोग का अन्वेषण।
विषय 4
वास्तु दिशाएँ
दिशा-संबंधी सिद्धांतों का अध्ययन।
विषय 5
षड्बल
ग्रह-बल को समझने में इसके प्रयोग का अन्वेषण।
विषय 6
उपाय
पारंपरिक उपाय-पद्धतियों का अध्ययन।
विषय 7
फलित विश्लेषण
राशि और वर्ग कुंडलियों के माध्यम से जीवन के विशिष्ट क्षेत्रों और घटनाओं का अन्वेषण।
कार्यक्रम की संरचना और संचालन
तीन पूरक चरण
- 1
लाइव शिक्षण
- 30 घंटे का लाइव शिक्षण।
- तीन-तीन घंटे के 20 सत्र।
- सत्र सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) को होंगे।
- हाइब्रिड माध्यम: कक्षा और ऑनलाइन अध्ययन का संयोजन।
- 2
स्व-गति शोध
- 30 घंटे का स्वतंत्र शोध।
- चुनी हुई फलित तकनीकों और संबंधित विषयों का अन्वेषण।
- लाइव शिक्षण में पढ़ाई गई अवधारणाओं का प्रयोग और आगे का अध्ययन।
- 3
शैक्षणिक संवाद और प्रश्नोत्तर
- अवधारणाओं को स्पष्ट करने और अध्ययन तथा शोध से जुड़े प्रश्नों पर संकाय के साथ चर्चा के लिए एक समर्पित प्रश्नोत्तर सत्र।
अध्ययन पद्धति
- सीखें • लागू करें • शोध करें • चिंतन करें
- यह कार्यक्रम संरचित शिक्षण, व्यावहारिक कुंडली-व्याख्या और स्वतंत्र शोध को जोड़ता है, ताकि प्रतिभागी अलग-अलग अवधारणाओं को फलित ज्योतिष की समझ के एक व्यापक ढाँचे से जोड़ सकें।
- संरचित अवधारणात्मक अध्ययन
- मूल अवधारणाएँ व्यवस्थित ढाँचों के माध्यम से प्रस्तुत की जाती हैं, जिससे प्रतिभागी उनके पारस्परिक संबंधों और उपयोगों को समझ सकें।
- मार्गदर्शित कुंडली-व्याख्या
- ग्रहों की स्थिति, भावों और कुंडली की संरचनाओं की व्याख्या समझने के लिए जन्म कुंडलियों के उदाहरणों का उपयोग किया जाता है।
- व्यावहारिक केस स्टडी
- केस-आधारित अध्ययन प्रतिभागियों को विभिन्न लग्न, भाव चलित, राशि कुंडली तथा स्क्वेयर और ट्राइन संरचनाओं जैसी अवधारणाओं को लागू करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- गृहकार्य और शैक्षणिक समीक्षा
- असाइनमेंट अवधारणाओं को दोहराने और उनके प्रयोग का अभ्यास करने के अवसर देते हैं।
- स्व-गति शोध
- 30 घंटे का शोध घटक चुनी हुई फलित तकनीकों और संबंधित विषयों के केंद्रित अन्वेषण के माध्यम से अध्ययन को निर्धारित कक्षाओं से आगे ले जाता है।
यह कार्यक्रम किसके लिए है
आरंभिक शिक्षार्थी
जो फलित ज्योतिष का संरचित परिचय चाहते हैं।
पूर्व ज्ञान वाले शिक्षार्थी
जिन्होंने ज्योतिष का अध्ययन किया है और अपनी नींव को सुदृढ़ करना चाहते हैं।
अनुभवी शिक्षार्थी
जो कुंडली-व्याख्या की अपनी व्यावहारिक समझ को और गहरा करना चाहते हैं।
स्वतंत्र शिक्षार्थी और शोधकर्ता
जो निरंतर अध्ययन, स्वाध्याय और फलित तकनीकों के अन्वेषण में रुचि रखते हैं।
मूल्यांकन और प्रमाणन
कार्यक्रम निर्धारित अध्ययन घटक के बाद एक ऑफ़लाइन मूल्यांकन के साथ संपन्न होगा। यह मूल्यांकन कार्यक्रम की शैक्षणिक संरचना का हिस्सा होगा और यह आकलन करने का अवसर देगा कि प्रतिभागियों ने पढ़ाई गई अवधारणाओं को कितना समझा है।
प्रमाणपत्र का विवरण FORE की पुष्टि के बाद यहाँ प्रकाशित किया जाएगा।
शुल्क और प्रवेश
कार्यक्रम शुल्क
₹35,000 + GST
18% GST सहित ₹41,300
भुगतान केवल प्रवेश-प्रस्ताव मिलने के बाद होता है।
बैच की तिथियाँ शीघ्र घोषित होंगी।
केवल आवेदन द्वारा
- 1ऑनलाइन आवेदन करें। इसमें कुछ ही मिनट लगते हैं: आपका संपर्क विवरण, आपकी पृष्ठभूमि और ज्योतिष के किसी अध्ययन के बारे में थोड़ा, और आप क्यों जुड़ना चाहते हैं।
- 2प्रवेश टीम बातचीत और आपके प्रश्नों के उत्तर के लिए आपसे संपर्क करती है।
- 3उपयुक्त होने पर आपको प्रवेश का प्रस्ताव मिलता है।
- 4प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद आप शुल्क देते हैं, और हर चरण अपने खाते में देख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी सर्टिफिकेट प्रोग्राम क्या है?
यह स्कूल ऑफ़ वैदिक साइंसेज़, FORE द्वारा दीपांशु गिरी जी के शैक्षणिक सहयोग से संचालित एक संरचित कार्यक्रम है। यह जन्म कुंडली की व्यावहारिक व्याख्या और फलित ज्योतिष की आधारभूत अवधारणाओं पर केंद्रित है।
कार्यक्रम की अवधि क्या है?
कार्यक्रम में कुल 60 घंटे का अध्ययन शामिल है।
कार्यक्रम किस माध्यम से संचालित होगा?
कार्यक्रम हाइब्रिड प्रारूप में है, जिसमें कक्षा और ऑनलाइन अध्ययन दोनों शामिल हैं।
60 घंटे किस प्रकार बँटे हैं?
कार्यक्रम में 30 घंटे का लाइव शिक्षण और 30 घंटे का स्व-गति शोध शामिल है।
कक्षाएँ कब होंगी?
लाइव सत्र सप्ताहांत, यानी शनिवार और रविवार को निर्धारित हैं। कुल 20 सत्र होंगे, प्रत्येक तीन घंटे का।
कार्यक्रम कौन पढ़ाएगा?
लूनर एस्ट्रो वैदिक अकादमी के संस्थापक दीपांशु गिरी सर इस कार्यक्रम के संकाय सदस्य होंगे।
किन विषयों का अध्ययन होगा?
पाठ्यक्रम में राशि कुंडली, ग्रहों की विशेषताएँ, राशियाँ, भाव, विभिन्न लग्न, भाव चलित, तथा स्क्वेयर और ट्राइन संरचनाएँ शामिल हैं, साथ ही व्यावहारिक कुंडली-व्याख्या और केस स्टडी भी।
क्या कार्यक्रम में स्वतंत्र शोध शामिल है?
हाँ। 30 घंटे के शोध घटक में चुने हुए विषय शामिल हैं, जैसे विंशोत्तरी दशा, ग्रह गोचर, नवांश और दशमांश कुंडली, वास्तु दिशाएँ, षड्बल और उपाय।
कार्यक्रम का शुल्क क्या है?
शुल्क ₹35,000 और लागू GST है।
आवेदन कैसे करें?
प्रवेश केवल आवेदन द्वारा होता है। इच्छुक आवेदक आवेदन प्रक्रिया की जानकारी के लिए स्कूल ऑफ़ वैदिक साइंसेज़ से संपर्क कर सकते हैं।
स्कूल ज्योतिष को एक शास्त्रीय ज्ञान परंपरा के रूप में पढ़ाता है। इस साइट पर कुछ भी भविष्यवाणी, परामर्श या किसी परिणाम की गारंटी नहीं है।
