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School of Vedic Sciences, FORE

हमारे बारे में

स्कूल ऑफ़ वैदिक साइंसेज़ के बारे में

समकालीन अध्ययन के माध्यम से भारत की ज्ञान परंपराओं का अन्वेषण।

हमारी पृष्ठभूमि

भारत की बौद्धिक विरासत समृद्ध और विविध है, जिसमें दर्शन, साहित्य, गणित, खगोलशास्त्र, स्वास्थ्य परंपराएँ, योग, भाषाविज्ञान और ज्ञान के अनेक अन्य क्षेत्र समाहित हैं। ये परंपराएँ सदियों से अवलोकन, जिज्ञासा, व्याख्या, अभ्यास और पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरण के माध्यम से विकसित हुई हैं।

FORE के स्कूल ऑफ़ वैदिक साइंसेज़ की परिकल्पना भारत की विविध ज्ञान परंपराओं के व्यवस्थित अध्ययन, अन्वेषण और प्रसार के लिए समर्पित एक शैक्षणिक मंच के रूप में की गई है। शैक्षणिक कार्यक्रमों, विशेष पाठ्यक्रमों, शोध पहलों और विषय-विशेषज्ञों के साथ जुड़ाव के माध्यम से यह स्कूल सार्थक अध्ययन और समकालीन जिज्ञासा के अवसर सृजित करना चाहता है।

स्कूल एक व्यापक और विकसित होते शैक्षणिक दायरे को अपनाता है, जिससे वह शैक्षणिक प्राथमिकताओं, संस्थागत सहयोगों और शिक्षार्थियों की रुचियों के अनुसार समय के साथ ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ सके।

हमारी दृष्टि

ज्योतिष और वैदिक ज्ञान परंपराओं के व्यवस्थित अध्ययन, संरक्षण और उन्नयन के लिए एक समकालीन शैक्षणिक मंच की स्थापना करना, जो पारंपरिक ज्ञान को संरचित अध्ययन, शोध और समकालीन जिज्ञासा के साथ समन्वित करे।

हमारा लक्ष्य

गहन अध्ययन, व्यावहारिक प्रयोग, शोध और विशेषज्ञ सहयोग के माध्यम से ज्योतिष के अध्ययन को आगे बढ़ाना, और साथ ही विविध वैदिक तथा भारतीय ज्ञान परंपराओं के साथ जुड़ाव का क्रमशः विस्तार करना।

हमारे उद्देश्य

01

संरचित शैक्षणिक अध्ययन को बढ़ावा देना

वैदिक और भारतीय ज्ञान परंपराओं के चुने हुए क्षेत्रों में सर्टिफिकेट कार्यक्रम, विशेष पाठ्यक्रम, कार्यशालाएँ और अध्ययन के अन्य अवसर विकसित करना।

02

शोध और प्रलेखन को प्रोत्साहित करना

पारंपरिक ज्ञान के प्रलेखन, व्याख्या और व्यवस्थित अन्वेषण को सुगम बनाना, जिसमें उसकी अवधारणाएँ, ग्रंथ, पद्धतियाँ और ऐतिहासिक विकास शामिल हैं।

03

समकालीन प्रासंगिकता का अन्वेषण

व्यावहारिक अध्ययन और अंतःविषय जुड़ाव के माध्यम से समकालीन संदर्भों में पारंपरिक ज्ञान की पड़ताल के अवसर सृजित करना।

04

शैक्षणिक सहयोग विकसित करना

पाठ्यक्रम विकसित करने, कार्यक्रम संचालित करने और ज्ञान-आधारित पहलों को सहयोग देने के लिए विद्वानों, अभ्यासकर्ताओं, शिक्षाविदों और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ जुड़ना।

05

ज्ञान-विनिमय को सुगम बनाना

व्याख्यानों, संगोष्ठियों, चर्चाओं और कार्यशालाओं के ऐसे मंच स्थापित करना जो शिक्षार्थियों, शोधकर्ताओं और अभ्यासकर्ताओं के बीच संवाद को प्रोत्साहित करें।

06

अध्ययन की पहुँच का विस्तार

विद्यार्थियों, कामकाजी पेशेवरों, स्वतंत्र शिक्षार्थियों और उन सभी के लिए अध्ययन के अवसर प्रदान करना जो भारत की ज्ञान परंपराओं की संरचित समझ विकसित करना चाहते हैं।

हमारा शैक्षणिक दायरा

स्कूल ऑफ़ वैदिक साइंसेज़ की परिकल्पना किसी एक विषय या परंपरा तक सीमित संस्थान के बजाय एक बहुविषयक मंच के रूप में की गई है।

जुड़ाव के संभावित क्षेत्रों में वैदिक और भारतीय दार्शनिक परंपराएँ, ज्योतिष, योग, आयुर्वेद, संस्कृत और शास्त्रीय ज्ञान-ग्रंथ, तथा भारतीय ज्ञान प्रणालियों के अन्य प्रासंगिक क्षेत्र शामिल हैं।

ये क्षेत्र भविष्य में अन्वेषण की संभावित दिशाएँ हैं और कार्यक्रमों की पुष्ट सूची नहीं हैं। स्कूल का शैक्षणिक दायरा शैक्षणिक प्राथमिकताओं, विशेषज्ञों की उपलब्धता, संस्थागत साझेदारियों और शिक्षार्थियों की रुचियों के अनुसार विकसित होगा।

  • वैदिक और भारतीय दर्शन
  • ज्योतिष
  • योग
  • आयुर्वेद
  • संस्कृत और शास्त्रीय ग्रंथ

हमारा शैक्षणिक सहयोग

दीपांशु गिरी जी

संस्थापक, लूनर एस्ट्रो वैदिक अकादमी · संकाय, प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी सर्टिफिकेट प्रोग्राम

दीपांशु गिरी सर पेशे से इंजीनियर हैं और उनकी पृष्ठभूमि अंडरवॉटर रोबोटिक्स की है। वे 2018 में स्थापित लूनर एस्ट्रो वैदिक अकादमी के संस्थापक हैं। ज्योतिष में अपनी रुचि को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने 2017–18 में अवकाश लिया और तब से वैदिक ज्योतिष में शिक्षण और शोध का कार्य विकसित किया है।

उनका दृष्टिकोण पारंपरिक ज्योतिष ग्रंथों को सरल बनाने, संरचित ढाँचे विकसित करने, और ज्योतिष के अध्ययन में शोध-उन्मुख पद्धतियों तथा कुंडली-आधारित व्यावहारिक अध्ययन को लागू करने पर केंद्रित है।

लूनर एस्ट्रो के माध्यम से उन्होंने विभिन्न आयु-वर्गों और भौगोलिक क्षेत्रों के शिक्षार्थियों को पढ़ाया है, जिसमें व्यावहारिक प्रयोग, संरचित समझ और निरंतर शैक्षणिक जुड़ाव पर ज़ोर रहा है।

हमारे कार्यक्रम और पहल

स्कूल का लक्ष्य सर्टिफिकेट और अल्पावधि कार्यक्रम, विशेषज्ञों के व्याख्यान, संगोष्ठियाँ, कार्यशालाएँ, शोध और प्रलेखन पहलें, व्यावहारिक अध्ययन के अवसर और सहयोगी शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रदान करना है।

इन पहलों के माध्यम से स्कूल भारत की ज्ञान परंपराओं के साथ निरंतर जुड़ाव को प्रोत्साहित करना और शिक्षार्थियों को चुने हुए विषयों की संरचित समझ विकसित करने के अवसर देना चाहता है।

हमारी मूल संस्था

FORE: 1981 से शिक्षा की परंपरा

नेतृत्व

अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के संदेश