2026
रविवार, 1 नवंबर 2026
2026 में तिथि 1 नवंबर, दोपहर 2:52 से 2 नवंबर, दोपहर 1:11 तक है; रविवार, 1 नवंबर 2026 को प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए अहोई अष्टमी इसी दिन है।
2027
शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027
2027 में तिथि 22 अक्टूबर, सुबह 11:56 से 23 अक्टूबर, सुबह 9:59 तक है; शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 को प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए अहोई अष्टमी इसी दिन है।
तारीख कैसे तय होती है
अहोई अष्टमी चान्द्र मास आश्विन के कृष्ण पक्ष का आठवाँ दिन (अष्टमी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह तिथि चल रही हो। उत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना में यही पखवाड़ा कार्तिक मास में गिना जाता है।
परिचय
अहोई अष्टमी अमांत गणना में आश्विन कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि को पड़ती है (उत्तर में कार्तिक कृष्ण अष्टमी), करवा चौथ के चार दिन बाद और दीपावली से आठ दिन पहले, अक्टूबर या नवंबर में। व्रत संध्या में तारों के पहले दर्शन पर खोला जाता है, इसलिए जिस दिन की संध्या में अष्टमी हो वही दिन चुना जाता है। अहोई माता का चित्र दीवार पर बनाया या टाँगा जाता है और तारे दिखने से पहले कथा कही जाती है। यह उसी क्षेत्र में, प्रायः उन्हीं घरों में, रखा जाता है जहाँ करवा चौथ।
कैसे मनाया जाता है
माताओं का दिन भर का उपवास, संध्या में अहोई कथा, और भोजन से पहले तारों को अर्घ्य।
