मुख्य सामग्री पर जाएँ
School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Anant Chaturdashi

अनंत चतुर्दशी

भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी; अनंत व्रत और गणेश विसर्जन।

2045 में: सोमवार, 25 सितंबर 2045 (नई दिल्ली)

व्हाट्सऐप

2045

सोमवार, 25 सितंबर 2045

2045 में तिथि 24 सितंबर, सुबह 7:34 से 25 सितंबर, सुबह 9:49 तक है; सोमवार, 25 सितंबर 2045 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए अनंत चतुर्दशी इसी दिन है।

2046

शुक्रवार, 14 सितंबर 2046

2046 में तिथि 13 सितंबर, सुबह 7:32 से 14 सितंबर, सुबह 9:46 तक है; शुक्रवार, 14 सितंबर 2046 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए अनंत चतुर्दशी इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

अनंत चतुर्दशी चान्द्र मास भाद्रपद के शुक्ल पक्ष का चौदहवाँ दिन (चतुर्दशी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

अनंत चतुर्दशी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चौदहवीं तिथि है, सितंबर में, गणेश चतुर्थी के दस दिन बाद। यह दिन महाभारत का अनंत व्रत है, जिसमें अनंत रूप में विष्णु का पूजन होता है और भुजा पर चौदह गाँठों का सूत्र बाँधा जाता है। सूर्योदय की तिथि ली जाती है, और पूजा पूर्वाह्न में की जाती है। यह महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन का दिन भी है और दिगंबर परंपरा में जैन पर्युषण का अंतिम दिन।

कैसे मनाया जाता है

चौदह गाँठों के सूत्र के साथ अनंत का पूजन, और गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए जल तक ले जाने वाली शोभायात्राएँ।

पंचांग में और