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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Buddha Purnima

बुद्ध पूर्णिमा

वैशाख पूर्णिमा, बुद्ध के जन्म, बोधि और परिनिर्वाण का स्मरण।

2037 में: बुधवार, 29 अप्रैल 2037 (नई दिल्ली)

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2037

बुधवार, 29 अप्रैल 2037

2037 में तिथि 29 अप्रैल, रात 3:15 से 30 अप्रैल, रात 12:23 तक है; बुधवार, 29 अप्रैल 2037 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए बुद्ध पूर्णिमा इसी दिन है।

2038

मंगलवार, 18 मई 2038

2038 में तिथि 18 मई, रात 3:28 से 18 मई, रात 11:53 तक है; मंगलवार, 18 मई 2038 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए बुद्ध पूर्णिमा इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

बुद्ध पूर्णिमा चान्द्र मास वैशाख की पूर्णिमा (पूरे चाँद का दिन) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

बुद्ध पूर्णिमा वैशाख की पूर्णिमा है, अप्रैल के अंत या मई में। परंपरा बुद्ध के लुंबिनी में जन्म, बोधगया में बोधि और कुशीनगर में परिनिर्वाण, तीनों को इसी तिथि पर रखती है। भारत में सूर्योदय की तिथि दिन तय करती है; थेरवाद देश अपने पंचांग प्रयोग करते हैं और तारीखें एक दिन या एक मास भिन्न हो सकती हैं। यह राजपत्रित अवकाश है और बोधगया तथा सारनाथ में तीर्थयात्रा का मुख्य दिन है।

कैसे मनाया जाता है

विहारों में अर्पण, सुत्तों का पाठ और कुछ क्षेत्रों में पिंजरे के पक्षियों को मुक्त करना।

पंचांग में और