2041
गुरुवार, 16 मई 2041
2041 में तिथि 15 मई, सुबह 6:53 से 16 मई, सुबह 6:22 तक है; गुरुवार, 16 मई 2041 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए बुद्ध पूर्णिमा इसी दिन है।
2042
सोमवार, 5 मई 2042
2042 में तिथि 4 मई, सुबह 10:20 से 5 मई, दोपहर 12:18 तक है; सोमवार, 5 मई 2042 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए बुद्ध पूर्णिमा इसी दिन है।
तारीख कैसे तय होती है
बुद्ध पूर्णिमा चान्द्र मास वैशाख की पूर्णिमा (पूरे चाँद का दिन) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।
परिचय
बुद्ध पूर्णिमा वैशाख की पूर्णिमा है, अप्रैल के अंत या मई में। परंपरा बुद्ध के लुंबिनी में जन्म, बोधगया में बोधि और कुशीनगर में परिनिर्वाण, तीनों को इसी तिथि पर रखती है। भारत में सूर्योदय की तिथि दिन तय करती है; थेरवाद देश अपने पंचांग प्रयोग करते हैं और तारीखें एक दिन या एक मास भिन्न हो सकती हैं। यह राजपत्रित अवकाश है और बोधगया तथा सारनाथ में तीर्थयात्रा का मुख्य दिन है।
कैसे मनाया जाता है
विहारों में अर्पण, सुत्तों का पाठ और कुछ क्षेत्रों में पिंजरे के पक्षियों को मुक्त करना।
