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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Chaitra Navratri

चैत्र नवरात्रि

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से राम नवमी तक देवी की नौ रातें।

2044 में: बुधवार, 30 मार्च 2044 (नई दिल्ली)

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2044

बुधवार, 30 मार्च 2044

2044 में तिथि 29 मार्च, दोपहर 2:56 से 30 मार्च, दोपहर 1:03 तक है; बुधवार, 30 मार्च 2044 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए चैत्र नवरात्रि इसी दिन है।

2045

रविवार, 19 मार्च 2045

2045 में तिथि 18 मार्च, रात 10:44 से 19 मार्च, रात 11:34 तक है; रविवार, 19 मार्च 2045 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए चैत्र नवरात्रि इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

चैत्र नवरात्रि चान्द्र मास चैत्र के शुक्ल पक्ष का पहला दिन (प्रतिपदा) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होकर नौ तिथियों में नवमी तक चलती है, जो राम नवमी है। यह प्रसिद्ध शारदीय नवरात्रि का वासंतिक रूप है और उत्तर भारत में चांद्र वर्ष का आरंभ करती है। आरंभ का दिन वह नागरिक दिन है जिसके सूर्योदय पर प्रतिपदा हो; घटस्थापना उस दिन के पूर्वाह्न में की जाती है, जहाँ संभव हो चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग को टालते हुए। नौ दिनों के भीतर क्षय या वृद्धि तिथि पर्व को आठ या दस दिन का बना सकती है।

कैसे मनाया जाता है

पहले दिन घटस्थापना, दुर्गा के नौ रूपों की दैनिक पूजा, और अनेक घरों में नौ दिनों का उपवास।

पंचांग में और