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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Chaitra Navratri

चैत्र नवरात्रि

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से राम नवमी तक देवी की नौ रातें।

2051 में: मंगलवार, 11 अप्रैल 2051 (नई दिल्ली)

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2051

मंगलवार, 11 अप्रैल 2051

2051 में तिथि 11 अप्रैल, सुबह 7:29 से 12 अप्रैल, रात 3:50 तक है; यह किसी भी सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) को नहीं छूती, इसलिए जिस दिन यह शुरू होती है वह दिन लिया गया है: मंगलवार, 11 अप्रैल 2051।

2052

रविवार, 31 मार्च 2052

2052 में तिथि 30 मार्च, रात 11:57 से 31 मार्च, रात 8:42 तक है; रविवार, 31 मार्च 2052 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए चैत्र नवरात्रि इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

चैत्र नवरात्रि चान्द्र मास चैत्र के शुक्ल पक्ष का पहला दिन (प्रतिपदा) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होकर नौ तिथियों में नवमी तक चलती है, जो राम नवमी है। यह प्रसिद्ध शारदीय नवरात्रि का वासंतिक रूप है और उत्तर भारत में चांद्र वर्ष का आरंभ करती है। आरंभ का दिन वह नागरिक दिन है जिसके सूर्योदय पर प्रतिपदा हो; घटस्थापना उस दिन के पूर्वाह्न में की जाती है, जहाँ संभव हो चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग को टालते हुए। नौ दिनों के भीतर क्षय या वृद्धि तिथि पर्व को आठ या दस दिन का बना सकती है।

कैसे मनाया जाता है

पहले दिन घटस्थापना, दुर्गा के नौ रूपों की दैनिक पूजा, और अनेक घरों में नौ दिनों का उपवास।

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