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पर्व और व्रत · Chhath Puja

छठ पूजा

बिहार का चार दिवसीय सूर्य-पर्व, कार्तिक शुक्ल षष्ठी पर केंद्रित।

2049 में: रविवार, 31 अक्टूबर 2049 (नई दिल्ली)

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2049

रविवार, 31 अक्टूबर 2049

2049 में तिथि 31 अक्टूबर, दोपहर 3:01 से 1 नवंबर, दोपहर 1:01 तक है; रविवार, 31 अक्टूबर 2049 को प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए छठ पूजा इसी दिन है।

2050

शनिवार, 19 नवंबर 2050

2050 में तिथि 19 नवंबर, शाम 6:00 से 20 नवंबर, शाम 4:35 तक है; यह किसी भी प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) को नहीं छूती, इसलिए जिस दिन यह शुरू होती है वह दिन लिया गया है: शनिवार, 19 नवंबर 2050।

तारीख कैसे तय होती है

छठ पूजा चान्द्र मास कार्तिक के शुक्ल पक्ष का छठा दिन (षष्ठी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

छठ कार्तिक शुक्ल षष्ठी को, दीपावली की अमावस्या के बाद छठी तिथि पर, अक्टूबर या नवंबर में रखी जाती है। चार दिन चलते हैं: चतुर्थी (नहाय-खाय), पंचमी (खरना), षष्ठी (अस्त होते सूर्य को संध्या अर्घ्य) और सप्तमी (उगते सूर्य को प्रातः अर्घ्य)। षष्ठी की संध्या मुख्य पर्व है, इसलिए जिस दिन के सूर्यास्त पर षष्ठी हो वही दिन चुना जाता है और पंचांग स्थानीय सूर्यास्त तथा अगला सूर्योदय छापता है। वसंत में चैत्र शुक्ल षष्ठी को छोटी चैती छठ रखी जाती है।

कैसे मनाया जाता है

खरना के बाद 36 घंटे का निर्जल व्रत, और जल में खड़े होकर अस्त होते तथा फिर उगते सूर्य को अर्घ्य।

पंचांग में और