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पर्व और व्रत · Devshayani Ekadashi

देवशयनी एकादशी

आषाढ़ शुक्ल एकादशी, जब विष्णु का चार मास का शयन आरंभ माना जाता है।

2012 में: शनिवार, 30 जून 2012 (नई दिल्ली)

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2012

शनिवार, 30 जून 2012

2012 में तिथि 29 जून, दोपहर 3:29 से 30 जून, दोपहर 12:40 तक है; शनिवार, 30 जून 2012 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए देवशयनी एकादशी इसी दिन है।

2013

शुक्रवार, 19 जुलाई 2013

2013 में तिथि 18 जुलाई, शाम 4:42 से 19 जुलाई, दोपहर 2:00 तक है; शुक्रवार, 19 जुलाई 2013 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए देवशयनी एकादशी इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

देवशयनी एकादशी चान्द्र मास आषाढ़ के शुक्ल पक्ष का ग्यारहवाँ दिन (एकादशी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है, जून या जुलाई में। पुराण इस दिन विष्णु के शयन में जाने और कार्तिक की देवउठनी एकादशी को जागने का वर्णन करते हैं; बीच के चार चांद्र मास चातुर्मास हैं, जिनमें परंपरा से विवाह और अन्य संस्कार नहीं किये जाते। एकादशी-नियम लागू होता है: तिथि सूर्योदय पर होनी चाहिए, और वैष्णव तथा स्मार्त पंचांग एक दिन भिन्न हो सकते हैं। महाराष्ट्र में वारकरी तीर्थयात्रियों की पंढरपुर वारी इसी दिन समाप्त होती है।

कैसे मनाया जाता है

एकादशी व्रत, विष्णु पूजन, और कार्तिक तक चलने वाले चातुर्मास के संकल्प।

पंचांग में और