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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Durga Ashtami

दुर्गाष्टमी

शारदीय नवरात्रि का आठवाँ दिन, दुर्गा पूजन का प्रमुख दिन।

2044 में: गुरुवार, 29 सितंबर 2044 (नई दिल्ली)

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2044

गुरुवार, 29 सितंबर 2044

2044 में तिथि 28 सितंबर, शाम 7:48 से 29 सितंबर, रात 10:14 तक है; गुरुवार, 29 सितंबर 2044 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए दुर्गाष्टमी इसी दिन है।

2045

बुधवार, 18 अक्टूबर 2045

2045 में तिथि 17 अक्टूबर, सुबह 11:23 से 18 अक्टूबर, दोपहर 1:34 तक है; बुधवार, 18 अक्टूबर 2045 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए दुर्गाष्टमी इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

दुर्गाष्टमी चान्द्र मास आश्विन के शुक्ल पक्ष का आठवाँ दिन (अष्टमी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

दुर्गाष्टमी आश्विन शुक्ल पक्ष की आठवीं तिथि है, सितंबर या अक्टूबर में। यह बंगाल में दुर्गा पूजा और उत्तर भारत में कन्या पूजन का मुख्य दिन है। सूर्योदय की तिथि ली जाती है; जब अष्टमी और नवमी एक ही दिन हों, तो अष्टमी पूजा पूर्वाह्न में की जाती है और ग्रंथ दोनों तिथियों के संधि-क्षण पर संधि पूजा बताते हैं, अष्टमी की समाप्ति पर केंद्रित 48 मिनट की अवधि। कुल-परंपरा के अनुसार कुछ परिवार अष्टमी और कुछ नवमी को अपना गृह-दिवस रखते हैं।

कैसे मनाया जाता है

कन्या पूजन, अष्टमी-नवमी संधि पर संधि पूजा, और मंदिरों तथा पंडालों में चंडी पाठ।

पंचांग में और