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पर्व और व्रत · Ganesh Chaturthi

गणेश चतुर्थी

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्याह्न में गणेश की स्थापना।

2045 में: गुरुवार, 14 सितंबर 2045 (नई दिल्ली)

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2045

गुरुवार, 14 सितंबर 2045

2045 में तिथि 13 सितंबर, रात 9:50 से 14 सितंबर, शाम 7:49 तक है; गुरुवार, 14 सितंबर 2045 को अपराह्न (दोपहर बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए गणेश चतुर्थी इसी दिन है।

2046

सोमवार, 3 सितंबर 2046

2046 में तिथि 3 सितंबर, दोपहर 12:56 से 4 सितंबर, सुबह 9:40 तक है; सोमवार, 3 सितंबर 2046 को अपराह्न (दोपहर बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए गणेश चतुर्थी इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

गणेश चतुर्थी चान्द्र मास भाद्रपद के शुक्ल पक्ष का चौथा दिन (चतुर्थी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन अपराह्न (दोपहर बाद का समय) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि को पड़ती है, अगस्त या सितंबर में। गणेश का जन्म मध्याह्न में रखा गया है, इसलिए मध्याह्न-काल निर्णायक है: जिस दिन के मध्याह्न में चतुर्थी हो वही दिन चुना जाता है, और स्थापना तथा पूजा उसी अवधि में की जाती है। इसके बाद का दस दिवसीय उत्सव अनंत चतुर्दशी को विसर्जन के साथ समाप्त होता है। परंपरा इस रात चंद्र-दर्शन न करने की सलाह देती है, जिसका उपाय स्यमंतक-कथा का पाठ माना जाता है।

कैसे मनाया जाता है

मध्याह्न में मिट्टी के गणेश की स्थापना, मोदक और दूर्वा से पूजन, और डेढ़, पाँच, सात या दस दिन बाद विसर्जन।

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