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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Gangaur

गणगौर

चैत्र शुक्ल तृतीया, राजस्थान की गौरी-पूजा का समापन।

2024 में: गुरुवार, 11 अप्रैल 2024 (नई दिल्ली)

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2024

गुरुवार, 11 अप्रैल 2024

2024 में तिथि 10 अप्रैल, शाम 5:32 से 11 अप्रैल, दोपहर 3:03 तक है; गुरुवार, 11 अप्रैल 2024 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए गणगौर इसी दिन है।

2025

सोमवार, 31 मार्च 2025

2025 में तिथि 31 मार्च, सुबह 9:11 से 1 अप्रैल, सुबह 5:42 तक है; यह किसी भी सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) को नहीं छूती, इसलिए जिस दिन यह शुरू होती है वह दिन लिया गया है: सोमवार, 31 मार्च 2025।

तारीख कैसे तय होती है

गणगौर चान्द्र मास चैत्र के शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन (तृतीया) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

गणगौर चैत्र शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि को पड़ती है, मार्च या अप्रैल में, और गौरी (पार्वती) तथा ईसर (शिव) की उस पूजा का समापन करती है जो होली के अगले दिन आरंभ होकर लगभग अठारह दिन चलती है। सूर्योदय की तिथि ली जाती है। स्त्रियाँ गीतों और गौरी-ईसर की मिट्टी की प्रतिमाओं के साथ ये दिन मनाती हैं, और गणगौर के दिन प्रतिमाएँ शोभायात्रा में किसी सरोवर या कुएँ तक ले जाई जाती हैं; जयपुर और उदयपुर की शोभायात्राएँ सबसे प्रसिद्ध हैं।

कैसे मनाया जाता है

उपवास, गीतों के साथ गौरी और ईसर की मिट्टी की प्रतिमाओं का पूजन, और अंतिम दिन प्रतिमाओं की जल तक शोभायात्रा।

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