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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Gangaur

गणगौर

चैत्र शुक्ल तृतीया, राजस्थान की गौरी-पूजा का समापन।

2052 में: मंगलवार, 2 अप्रैल 2052 (नई दिल्ली)

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2052

मंगलवार, 2 अप्रैल 2052

2052 में तिथि 1 अप्रैल, शाम 5:20 से 2 अप्रैल, दोपहर 2:01 तक है; मंगलवार, 2 अप्रैल 2052 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए गणगौर इसी दिन है।

2053

इस वर्ष की तारीख अभी उपलब्ध नहीं है।

तारीख कैसे तय होती है

गणगौर चान्द्र मास चैत्र के शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन (तृतीया) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

गणगौर चैत्र शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि को पड़ती है, मार्च या अप्रैल में, और गौरी (पार्वती) तथा ईसर (शिव) की उस पूजा का समापन करती है जो होली के अगले दिन आरंभ होकर लगभग अठारह दिन चलती है। सूर्योदय की तिथि ली जाती है। स्त्रियाँ गीतों और गौरी-ईसर की मिट्टी की प्रतिमाओं के साथ ये दिन मनाती हैं, और गणगौर के दिन प्रतिमाएँ शोभायात्रा में किसी सरोवर या कुएँ तक ले जाई जाती हैं; जयपुर और उदयपुर की शोभायात्राएँ सबसे प्रसिद्ध हैं।

कैसे मनाया जाता है

उपवास, गीतों के साथ गौरी और ईसर की मिट्टी की प्रतिमाओं का पूजन, और अंतिम दिन प्रतिमाओं की जल तक शोभायात्रा।

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