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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Guru Purnima

गुरु पूर्णिमा

आषाढ़ पूर्णिमा, गुरु और व्यास को समर्पित।

2049 में: गुरुवार, 15 जुलाई 2049 (नई दिल्ली)

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2049

गुरुवार, 15 जुलाई 2049

2049 में तिथि 14 जुलाई, सुबह 11:49 से 15 जुलाई, सुबह 7:59 तक है; गुरुवार, 15 जुलाई 2049 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए गुरु पूर्णिमा इसी दिन है।

2050

सोमवार, 4 जुलाई 2050

2050 में तिथि 4 जुलाई, रात 2:51 से 5 जुलाई, रात 12:21 तक है; सोमवार, 4 जुलाई 2050 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए गुरु पूर्णिमा इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

गुरु पूर्णिमा चान्द्र मास आषाढ़ की पूर्णिमा (पूरे चाँद का दिन) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

गुरु पूर्णिमा आषाढ़ की पूर्णिमा है, जून या जुलाई में, वर्षा ऋतु की पहली पूर्णिमा। वेदों के संकलनकर्ता व्यास के नाम पर इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं, और बौद्ध इसे सारनाथ में बुद्ध के प्रथम उपदेश का दिन मानते हैं। सूर्योदय की तिथि दिन तय करती है। संन्यासी संप्रदाय इसी पूर्णिमा से अपना चार मास का चातुर्मास व्रत आरंभ करते हैं, इसीलिए यह दिन गुरु-शिष्य संबंध से जुड़ा है।

कैसे मनाया जाता है

विद्यार्थी और शिष्य अपने गुरुओं का सम्मान करते हैं, और आश्रमों में व्यास पूजा तथा पाठ होते हैं।

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