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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Kali Chaudas

काली चौदस

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमान्त) की रात, गुजरात में काली के लिए।

2032 में: सोमवार, 1 नवंबर 2032 (नई दिल्ली)

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2032

सोमवार, 1 नवंबर 2032

2032 में तिथि 1 नवंबर, सुबह 8:43 से 2 नवंबर, सुबह 10:14 तक है; सोमवार, 1 नवंबर 2032 को अर्धरात्रि (सूर्यास्त और अगले सूर्योदय का मध्य) के समय यह चल रही है, इसलिए काली चौदस इसी दिन है।

2033

शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2033

2033 में तिथि 21 अक्टूबर, सुबह 7:36 से 22 अक्टूबर, सुबह 10:18 तक है; शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2033 को अर्धरात्रि (सूर्यास्त और अगले सूर्योदय का मध्य) के समय यह चल रही है, इसलिए काली चौदस इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

काली चौदस चान्द्र मास आश्विन के कृष्ण पक्ष का चौदहवाँ दिन (चतुर्दशी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन अर्धरात्रि (सूर्यास्त और अगले सूर्योदय का मध्य) के समय यह तिथि चल रही हो। उत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना में यही पखवाड़ा कार्तिक मास में गिना जाता है।

परिचय

काली चौदस अमांत गणना में आश्विन कृष्ण पक्ष की चौदहवीं तिथि की रात है (उत्तर में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी), दीपावली से पहले की चतुर्दशी, अक्टूबर या नवंबर में। यह रात्रि-पर्व है: जिस दिन की अर्धरात्रि में चतुर्दशी हो वही दिन चुना जाता है, जो प्रायः दीपावली से एक दिन पहले होता है, जबकि नरक चतुर्दशी का भोर-पूर्व तेल-स्नान दीपावली की ही सुबह पड़ सकता है। गुजरात और राजस्थान के कुछ भागों में उस रात काली और हनुमान की पूजा होती है, और यह दिन दीपावली के पाँच दिनों में गिना जाता है।

कैसे मनाया जाता है

रात में काली और हनुमान की पूजा, और देहरी पर दीप।

पंचांग में और