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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Kartika Purnima

कार्तिक पूर्णिमा

कार्तिक की पूर्णिमा; वाराणसी में दीप और गुरु नानक जयंती।

2005 में: मंगलवार, 15 नवंबर 2005 (नई दिल्ली)

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2005

मंगलवार, 15 नवंबर 2005

2005 में तिथि 15 नवंबर, सुबह 7:26 से 16 नवंबर, सुबह 6:27 तक है; यह किसी भी सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) को नहीं छूती, इसलिए जिस दिन यह शुरू होती है वह दिन लिया गया है: मंगलवार, 15 नवंबर 2005।

2006

रविवार, 5 नवंबर 2006

2006 में तिथि 4 नवंबर, रात 9:44 से 5 नवंबर, शाम 6:28 तक है; रविवार, 5 नवंबर 2006 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए कार्तिक पूर्णिमा इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

कार्तिक पूर्णिमा चान्द्र मास कार्तिक की पूर्णिमा (पूरे चाँद का दिन) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

कार्तिक पूर्णिमा वह पूर्णिमा है जो कार्तिक मास का समापन करती है, नवंबर में। सूर्योदय की तिथि कार्तिक स्नान का दिन तय करती है, और उसी दिन की संध्या वाराणसी में देव दीपावली है, जब घाट दीपों से सज जाते हैं। यह त्रिपुरी पूर्णिमा भी है, शिव द्वारा त्रिपुर के वध का स्मरण, और सिख समुदाय इसी पूर्णिमा पर गुरु नानक जयंती मनाता है। शरद पूर्णिमा से आरंभ हुआ कार्तिक स्नान का मास यहाँ समाप्त होता है, और राजस्थान का पुष्कर मेला इसी दिन चरम पर होता है।

कैसे मनाया जाता है

भोर में नदी-स्नान, संध्या में घाटों पर दीप प्रवाहित या प्रज्वलित, और अनेक घरों में सत्यनारायण व्रत।

पंचांग में और