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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Karwa Chauth

करवा चौथ

शरद पूर्णिमा के बाद की चतुर्थी को भोर से चंद्रोदय तक पत्नियों का व्रत।

2023 में: बुधवार, 1 नवंबर 2023 (नई दिल्ली)

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2023

बुधवार, 1 नवंबर 2023

2023 में तिथि 31 अक्टूबर, रात 9:30 से 1 नवंबर, रात 9:19 तक है; बुधवार, 1 नवंबर 2023 को चन्द्रोदय के समय यह चल रही है, इसलिए करवा चौथ इसी दिन है।

2024

रविवार, 20 अक्टूबर 2024

2024 में तिथि 20 अक्टूबर, सुबह 6:46 से 21 अक्टूबर, सुबह 4:17 तक है; रविवार, 20 अक्टूबर 2024 को चन्द्रोदय के समय यह चल रही है, इसलिए करवा चौथ इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

करवा चौथ चान्द्र मास आश्विन के कृष्ण पक्ष का चौथा दिन (चतुर्थी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन चन्द्रोदय के समय यह तिथि चल रही हो। उत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना में यही पखवाड़ा कार्तिक मास में गिना जाता है।

परिचय

करवा चौथ अमांत गणना में आश्विन कृष्ण पक्ष की चौथी तिथि को पड़ता है, जिसे उत्तर में कार्तिक कृष्ण चतुर्थी कहते हैं, अक्टूबर या नवंबर में। यह संकष्टी चतुर्थी है, इसलिए निर्णायक क्षण चंद्रोदय है: जिस दिन चंद्रोदय पर चतुर्थी हो वही दिन चुना जाता है, और चंद्र-दर्शन पर व्रत पूर्ण होता है। इस तिथि को चंद्रमा देर से, प्रायः रात 8 और 9 बजे के बीच, उगता है, और पंचांग नगर का स्थानीय चंद्रोदय छापते हैं। यह व्रत मुख्यतः पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रखा जाता है।

कैसे मनाया जाता है

भोर से पहले सरगी, दिन भर निराहार-निर्जल, संध्या में करवा कथा, और छलनी से चंद्र-दर्शन के बाद व्रत का समापन।

पंचांग में और