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पर्व और व्रत · Maha Navami

महानवमी

शारदीय नवरात्रि की नौवीं और अंतिम रात; दक्षिण में आयुध पूजा।

2033 में: सोमवार, 3 अक्टूबर 2033 (नई दिल्ली)

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2033

सोमवार, 3 अक्टूबर 2033

2033 में तिथि 2 अक्टूबर, सुबह 10:00 से 3 अक्टूबर, सुबह 9:21 तक है; सोमवार, 3 अक्टूबर 2033 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए महानवमी इसी दिन है।

2034

शनिवार, 21 अक्टूबर 2034

2034 में तिथि 21 अक्टूबर, सुबह 6:04 से 22 अक्टूबर, सुबह 6:35 तक है; यह सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय दो दिन चल रही है (शनिवार, 21 अक्टूबर 2034 और रविवार, 22 अक्टूबर 2034)। अधिकांश पंचांगों की तरह पहला दिन लिया गया है।

तारीख कैसे तय होती है

महानवमी चान्द्र मास आश्विन के शुक्ल पक्ष का नौवाँ दिन (नवमी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

महानवमी आश्विन शुक्ल पक्ष की नौवीं तिथि है, सितंबर या अक्टूबर में, नवरात्रि का समापन दिवस। सूर्योदय की तिथि ली जाती है, और नवमी होम दशमी आरंभ होने से पहले पूर्ण किया जाता है। दक्षिण में यह आयुध पूजा है, जब औज़ार, वाद्य और वाहन साफ़ करके पूजे जाते हैं, और तमिलनाडु तथा केरल में यह सरस्वती पूजा भी है, जिसमें पुस्तकें उस दिन अलग रखी जाती हैं। बंगाल में यह विसर्जन से पहले दुर्गा पूजा का अंतिम पूर्ण दिन है।

कैसे मनाया जाता है

नवमी होम और कन्या पूजन, दक्षिण में औज़ारों और वाहनों की आयुध पूजा, और बंगाल में दुर्गा की विदाई के अनुष्ठान।

पंचांग में और