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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Mahavir Jayanti

महावीर जयंती

चौबीसवें तीर्थंकर वर्धमान महावीर का जन्म, चैत्र शुक्ल त्रयोदशी।

2044 में: रविवार, 10 अप्रैल 2044 (नई दिल्ली)

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2044

रविवार, 10 अप्रैल 2044

2044 में तिथि 9 अप्रैल, दोपहर 3:06 से 10 अप्रैल, दोपहर 2:43 तक है; रविवार, 10 अप्रैल 2044 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए महावीर जयंती इसी दिन है।

2045

गुरुवार, 30 मार्च 2045

2045 में तिथि 30 मार्च, सुबह 7:38 से 31 मार्च, सुबह 5:00 तक है; यह किसी भी सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) को नहीं छूती, इसलिए जिस दिन यह शुरू होती है वह दिन लिया गया है: गुरुवार, 30 मार्च 2045।

तारीख कैसे तय होती है

महावीर जयंती चान्द्र मास चैत्र के शुक्ल पक्ष का तेरहवाँ दिन (त्रयोदशी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

महावीर जयंती चैत्र शुक्ल पक्ष की तेरहवीं तिथि को पड़ती है, प्रायः मार्च के अंत या अप्रैल में। जैन परंपरा जन्म को वैशाली के निकट कुंडग्राम में 599 ईसा पूर्व, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में दर्ज करती है। सूर्योदय की तिथि दिन तय करती है, और यह भारत में राजपत्रित अवकाश है। श्वेतांबर और दिगंबर दोनों समुदाय एक ही तिथि रखते हैं, जो जैन पर्वों में असामान्य है।

कैसे मनाया जाता है

तीर्थंकर की प्रतिमा के साथ शोभायात्रा, जैन मंदिरों में अभिषेक और कल्पसूत्र का वाचन।

पंचांग में और