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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Makar Sankranti

मकर संक्रांति

सूर्य का निरयण मकर राशि में प्रवेश, लगभग 14 जनवरी।

2031 में: मंगलवार, 14 जनवरी 2031 (नई दिल्ली)

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2031

मंगलवार, 14 जनवरी 2031

2031 में सूर्य 14 जनवरी, रात 9:39 पर मकर राशि में प्रवेश करता है। प्रवेश सूर्यास्त के बाद है, इसलिए कई पंचांग पुण्य काल अगली सुबह मानते हैं।

2032

गुरुवार, 15 जनवरी 2032

2032 में सूर्य 15 जनवरी, रात 3:43 पर मकर राशि में प्रवेश करता है।

तारीख कैसे तय होती है

मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य निरयण (नक्षत्र-आधारित) मकर राशि में प्रवेश करता है। यह सौर पर्व है, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख लगभग हर वर्ष एक ही रहती है।

परिचय

मकर संक्रांति उन थोड़े-से प्रमुख पर्वों में है जो चंद्र के बजाय सूर्य से तय होते हैं। यह उस क्षण को चिह्नित करती है जब सूर्य निरयण मकर राशि में प्रवेश करता है, जो लाहिड़ी अयनांश से वर्तमान में 14 या 15 जनवरी को पड़ता है; यह तारीख लगभग 70 वर्षों में एक दिन खिसकती है। पुरानी परंपरा में यह उत्तरायण का आरंभ भी है, यद्यपि वास्तविक अयनांत अब तीन सप्ताह पहले होता है। यह पर्व अनेक नामों से मनाया जाता है: तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण, पंजाब में माघी और असम में माघ बिहू। यदि संक्रांति सूर्यास्त के बाद हो, तो अधिकांश पंचांग पर्व को अगले दिन रखते हैं।

कैसे मनाया जाता है

नदी-स्नान, तिल-गुड़ का दान, गुजरात में पतंगबाज़ी और पोंगल या खिचड़ी बनाना सामान्य आचरण हैं।

पंचांग में और