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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Masik Shivaratri

मासिक शिवरात्रि

हर मास की कृष्ण चतुर्दशी की रात, शिव के लिए।

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2041

  • मंगलवार, 1 जनवरी 2041 · Masik Shivaratri
  • बुधवार, 30 जनवरी 2041 · Masik Shivaratri
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2042

  • सोमवार, 20 जनवरी 2042 · Masik Shivaratri
  • मंगलवार, 18 फ़रवरी 2042 · Masik Shivaratri
  • गुरुवार, 20 मार्च 2042 · Masik Shivaratri
  • शुक्रवार, 18 अप्रैल 2042 · Masik Shivaratri
  • शनिवार, 17 मई 2042 · Masik Shivaratri
  • सोमवार, 16 जून 2042 · Masik Shivaratri
  • मंगलवार, 15 जुलाई 2042 · Masik Shivaratri
  • बुधवार, 13 अगस्त 2042 · Adhika Masik Shivaratri
  • शुक्रवार, 12 सितंबर 2042 · Masik Shivaratri
  • रविवार, 12 अक्टूबर 2042 · Masik Shivaratri
  • सोमवार, 10 नवंबर 2042 · Masik Shivaratri
  • बुधवार, 10 दिसंबर 2042 · Masik Shivaratri

तारीख कैसे तय होती है

हर चान्द्र मास की कृष्ण चतुर्दशी। तारीख वह दिन है जिस दिन अर्धरात्रि (सूर्यास्त और अगले सूर्योदय का मध्य) के समय यह तिथि चल रही हो। कृष्ण पक्ष की प्रविष्टियों पर दोनों मास-नाम दिए हैं: पूर्णिमान्त (उत्तर भारत) और अमान्त।

परिचय

मासिक शिवरात्रि हर चान्द्र मास के कृष्ण पक्ष की चौदहवीं तिथि है, अमावस्या से पहले की रात। महाशिवरात्रि की तरह यह रात्रि-पर्व है, इसलिए जिस दिन की अर्धरात्रि (निशीथ) में चतुर्दशी हो वही दिन चुना जाता है, भले ही सूर्योदय पर तिथि न हो। अमांत माघ (उत्तर में फाल्गुन) की मासिक शिवरात्रि स्वयं महाशिवरात्रि है, और उत्तर भारतीय गणना के श्रावण की शिवरात्रि प्रायः सावन शिवरात्रि कहलाती है। हर प्रविष्टि पर मास दोनों गणनाओं में दिया है, क्योंकि उत्तर भारत कृष्ण पक्ष को एक मास आगे गिनता है।

कैसे मनाया जाता है

दिन भर उपवास और रात में शिव की पूजा, शिवलिंग के अभिषेक के साथ।

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