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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Raksha Bandhan

रक्षाबंधन

श्रावण पूर्णिमा; राखी दोपहर में, भद्रा से बाहर, बाँधी जाती है।

2045 में: रविवार, 27 अगस्त 2045 (नई दिल्ली)

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2045

रविवार, 27 अगस्त 2045

2045 में तिथि 26 अगस्त, शाम 5:05 से 27 अगस्त, शाम 7:37 तक है; रविवार, 27 अगस्त 2045 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए रक्षाबंधन इसी दिन है।

2046

गुरुवार, 16 अगस्त 2046

2046 में तिथि 15 अगस्त, शाम 6:39 से 16 अगस्त, रात 8:20 तक है; गुरुवार, 16 अगस्त 2046 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए रक्षाबंधन इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

रक्षाबंधन चान्द्र मास श्रावण की पूर्णिमा (पूरे चाँद का दिन) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा को पड़ता है, अगस्त में। राखी अपराह्न में, अन्यथा प्रदोष में, तब बाँधी जाती है जब पूर्णिमा चल रही हो और भद्रा करण न हो; चूँकि भद्रा सदा पूर्णिमा के पूर्वार्ध में रहती है, पंचांग उसके समाप्त होने का समय छापते हैं। जब भद्रा पूरे अपराह्न तक चले, तो ग्रंथ अगली सुबह की पूर्णिमा की अनुमति देते हैं यदि वह सूर्योदय पर अभी भी हो। यही पूर्णिमा कोंकण तट पर नारळी पूर्णिमा है और अनेक समुदायों के लिए श्रावणी, यज्ञोपवीत बदलने का दिन।

कैसे मनाया जाता है

बहनें दोपहर में भाइयों की कलाई पर राखी बाँधती हैं; ब्राह्मण समुदाय यज्ञोपवीत बदलते हैं।

पंचांग में और