मुख्य सामग्री पर जाएँ
School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Rath Yatra

रथ यात्रा

पुरी में आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को जगन्नाथ की रथ यात्रा।

2025 में: शुक्रवार, 27 जून 2025 (नई दिल्ली)

व्हाट्सऐप

2025

शुक्रवार, 27 जून 2025

2025 में तिथि 26 जून, दोपहर 1:25 से 27 जून, सुबह 11:19 तक है; शुक्रवार, 27 जून 2025 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए रथ यात्रा इसी दिन है।

2026

गुरुवार, 16 जुलाई 2026

2026 में तिथि 15 जुलाई, सुबह 11:51 से 16 जुलाई, सुबह 8:53 तक है; गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए रथ यात्रा इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

रथ यात्रा चान्द्र मास आषाढ़ के शुक्ल पक्ष का दूसरा दिन (द्वितीया) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

रथ यात्रा आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दूसरी तिथि को पड़ती है, जून या जुलाई में। जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को तीन रथों पर पुरी मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक खींचा जाता है, जहाँ वे एक सप्ताह रहते हैं और फिर दशमी को वापसी यात्रा (बाहुड़ा यात्रा) होती है। सूर्योदय की तिथि दिन तय करती है, और रथ खींचने के समय के लिए पुरी मंदिर का अपना पंचांग अंतिम प्रमाण है। अहमदाबाद, कोलकाता और इस्कॉन केंद्र उसी दिन अपनी-अपनी यात्राएँ निकालते हैं।

कैसे मनाया जाता है

रस्सी से रथ खींचना, रथ पर विराजमान देवताओं के दर्शन, और गजपति राजा द्वारा रथ-मार्ग का छेरा पहँरा (झाड़ू लगाना)।

पंचांग में और