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पर्व और व्रत · Sharad Navratri begins

शारदीय नवरात्रि आरंभ

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक दुर्गा की नौ रातें।

2033 में: शनिवार, 24 सितंबर 2033 (नई दिल्ली)

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2033

शनिवार, 24 सितंबर 2033

2033 में तिथि 23 सितंबर, शाम 7:09 से 24 सितंबर, रात 9:46 तक है; शनिवार, 24 सितंबर 2033 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए शारदीय नवरात्रि आरंभ इसी दिन है।

2034

शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2034

2034 में तिथि 12 अक्टूबर, दोपहर 1:02 से 13 अक्टूबर, दोपहर 3:02 तक है; शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2034 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए शारदीय नवरात्रि आरंभ इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

शारदीय नवरात्रि आरंभ चान्द्र मास आश्विन के शुक्ल पक्ष का पहला दिन (प्रतिपदा) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

शारदीय नवरात्रि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को, सर्वपितृ अमावस्या के अगले दिन, सितंबर या अक्टूबर में आरंभ होती है। यह नौ तिथियों में महानवमी तक चलती है और दसवें दिन विजयादशमी आती है। पहला दिन वह नागरिक दिन है जिसके सूर्योदय पर प्रतिपदा हो, और घटस्थापना पूर्वाह्न में, या पूर्वाह्न अनुपयुक्त हो तो अभिजित मुहूर्त में, चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग को टालते हुए की जाती है। बंगाल में यही दिन दुर्गा पूजा हैं, जिनके मुख्य अनुष्ठान षष्ठी से दशमी तक होते हैं; गुजरात में ये गरबा की रातें हैं।

कैसे मनाया जाता है

पहले दिन घटस्थापना, दुर्गा के नौ रूपों का पूजन, नौ दिन का उपवास, और अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन।

पंचांग में और