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पर्व और व्रत · Sharad Purnima

शरद पूर्णिमा

आश्विन पूर्णिमा, शरद के निर्मल आकाश की पूर्णिमा, रात्रि में मनाई जाती है।

2028 में: शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027 (नई दिल्ली)

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2028

शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027

2027 में तिथि 14 अक्टूबर, शाम 6:49 से 15 अक्टूबर, शाम 7:17 तक है; शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027 को चन्द्रोदय के समय यह चल रही है, इसलिए शरद पूर्णिमा इसी दिन है।

2029

रविवार, 21 अक्टूबर 2029

2029 में तिथि 21 अक्टूबर, दोपहर 12:32 से 22 अक्टूबर, दोपहर 2:57 तक है; रविवार, 21 अक्टूबर 2029 को चन्द्रोदय के समय यह चल रही है, इसलिए शरद पूर्णिमा इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

शरद पूर्णिमा चान्द्र मास आश्विन की पूर्णिमा (पूरे चाँद का दिन) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन चन्द्रोदय के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

शरद पूर्णिमा आश्विन की पूर्णिमा है, अक्टूबर में, वर्षा के छँटने के बाद की पहली पूर्णिमा। यह रात्रि-पर्व है, इसलिए जिस दिन की रात में पूर्णिमा हो वही दिन चुना जाता है, और चंद्रोदय ही महत्त्वपूर्ण क्षण है। बंगाल और मिथिला का कोजागरी जागरण लक्ष्मी के लिए रखा जाता है, जो पूछती हैं 'कौन जाग रहा है' (को जागर्ति); ब्रज में यह रात कृष्ण के रास का स्मरण है। खीर चाँदनी में रखी जाती है और अगली सुबह खाई जाती है।

कैसे मनाया जाता है

लक्ष्मी पूजन के साथ रात्रि-जागरण, और पूर्ण चंद्रमा के नीचे रखी खीर।

पंचांग में और