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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Sharad Purnima

शरद पूर्णिमा

आश्विन पूर्णिमा की रात (कोजागरी), चंद्रोदय से मनाई जाती है।

2035 में: मंगलवार, 16 अक्टूबर 2035 (नई दिल्ली)

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2035

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2035

2035 में तिथि 16 अक्टूबर, सुबह 9:34 से 17 अक्टूबर, सुबह 8:05 तक है; मंगलवार, 16 अक्टूबर 2035 को चन्द्रोदय के समय यह चल रही है, इसलिए शरद पूर्णिमा इसी दिन है।

2036

शनिवार, 4 अक्टूबर 2036

2036 में तिथि 4 अक्टूबर, दोपहर 2:31 से 5 अक्टूबर, दोपहर 3:45 तक है; शनिवार, 4 अक्टूबर 2036 को चन्द्रोदय के समय यह चल रही है, इसलिए शरद पूर्णिमा इसी दिन है।

आश्विन पूर्णिमा (बुधवार, 17 अक्टूबर 2035): आज सूर्योदय पर पूर्णिमा है: पूर्णिमा व्रत और स्नान-दान का दिन। शरद पूर्णिमा (16 अक्टूबर) इसी पूर्णिमा का पर्व है, चन्द्रोदय पर, उसी रात।

तारीख कैसे तय होती है

शरद पूर्णिमा चान्द्र मास आश्विन की पूर्णिमा (पूरे चाँद का दिन) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन चन्द्रोदय के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

शरद पूर्णिमा आश्विन की पूर्णिमा है, अक्टूबर में, वर्षा के छँटने के बाद की पहली पूर्णिमा। यह रात्रि-पर्व है, इसलिए जिस दिन की रात में पूर्णिमा हो वही दिन चुना जाता है, और चंद्रोदय ही महत्त्वपूर्ण क्षण है। बंगाल और मिथिला का कोजागरी जागरण लक्ष्मी के लिए रखा जाता है, जो पूछती हैं 'कौन जाग रहा है' (को जागर्ति); ब्रज में यह रात कृष्ण के रास का स्मरण है। खीर चाँदनी में रखी जाती है और अगली सुबह खाई जाती है। जब पूर्णिमा दिन में आरंभ होकर अगली सुबह समाप्त हो, जैसा प्रायः होता है, तो रात पहले दिन की होती है, जबकि जिस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा हो, जिसे यहाँ आश्विन पूर्णिमा लिखा है, वह पूर्णिमा व्रत और स्नान-दान का दिन है: एक ही पूर्णिमा, दो दिन।

कैसे मनाया जाता है

लक्ष्मी पूजन के साथ रात्रि-जागरण, और पूर्ण चंद्रमा के नीचे रखी खीर।

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