मुख्य सामग्री पर जाएँ
School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Tulsi Vivah

तुलसी विवाह

कार्तिक शुक्ल द्वादशी को तुलसी का विष्णु से प्रतीकात्मक विवाह।

2037 में: गुरुवार, 19 नवंबर 2037 (नई दिल्ली)

व्हाट्सऐप

2037

गुरुवार, 19 नवंबर 2037

2037 में तिथि 18 नवंबर, शाम 7:59 से 19 नवंबर, रात 10:18 तक है; गुरुवार, 19 नवंबर 2037 को प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए तुलसी विवाह इसी दिन है।

2038

सोमवार, 8 नवंबर 2038

2038 में तिथि 7 नवंबर, शाम 6:30 से 8 नवंबर, रात 8:34 तक है; सोमवार, 8 नवंबर 2038 को प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए तुलसी विवाह इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

तुलसी विवाह चान्द्र मास कार्तिक के शुक्ल पक्ष का बारहवाँ दिन (द्वादशी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

तुलसी विवाह कार्तिक शुक्ल पक्ष की बारहवीं तिथि को, देवउठनी एकादशी के अगले दिन, नवंबर में रखा जाता है; कुछ घर इसे एकादशी को ही या कार्तिक पूर्णिमा तक किसी भी दिन करते हैं। अनुष्ठान संध्या में होता है, इसलिए जिस दिन के प्रदोष में द्वादशी हो वही दिन चुना जाता है। तुलसी का विवाह शालिग्राम या विष्णु की प्रतिमा से पूरे विवाह-विधान के साथ किया जाता है। यह दिन चातुर्मास के बाद विवाह-काल के आरंभ का सूचक है।

कैसे मनाया जाता है

संध्या में तुलसी के पौधे के चारों ओर मंडप सजाकर विवाह-विधि की जाती है, फिर भोज।

पंचांग में और