2044
बुधवार, 2 नवंबर 2044
2044 में तिथि 1 नवंबर, रात 10:28 से 2 नवंबर, रात 10:25 तक है; बुधवार, 2 नवंबर 2044 को प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए तुलसी विवाह इसी दिन है।
2045
सोमवार, 20 नवंबर 2045
2045 में तिथि 20 नवंबर, शाम 4:53 से 21 नवंबर, शाम 5:57 तक है; यह प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय दो दिन चल रही है (सोमवार, 20 नवंबर 2045 और मंगलवार, 21 नवंबर 2045)। अधिकांश पंचांगों की तरह पहला दिन लिया गया है।
तारीख कैसे तय होती है
तुलसी विवाह चान्द्र मास कार्तिक के शुक्ल पक्ष का बारहवाँ दिन (द्वादशी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) के समय यह तिथि चल रही हो।
परिचय
तुलसी विवाह कार्तिक शुक्ल पक्ष की बारहवीं तिथि को, देवउठनी एकादशी के अगले दिन, नवंबर में रखा जाता है; कुछ घर इसे एकादशी को ही या कार्तिक पूर्णिमा तक किसी भी दिन करते हैं। अनुष्ठान संध्या में होता है, इसलिए जिस दिन के प्रदोष में द्वादशी हो वही दिन चुना जाता है। तुलसी का विवाह शालिग्राम या विष्णु की प्रतिमा से पूरे विवाह-विधान के साथ किया जाता है। यह दिन चातुर्मास के बाद विवाह-काल के आरंभ का सूचक है।
कैसे मनाया जाता है
संध्या में तुलसी के पौधे के चारों ओर मंडप सजाकर विवाह-विधि की जाती है, फिर भोज।
