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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Ugadi / Gudi Padwa

उगादि / गुड़ी पड़वा

दक्कन और महाराष्ट्र में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का चांद्र नववर्ष।

2037 में: मंगलवार, 17 मार्च 2037 (नई दिल्ली)

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2037

मंगलवार, 17 मार्च 2037

2037 में तिथि 17 मार्च, सुबह 5:06 से 18 मार्च, सुबह 7:20 तक है; यह सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय दो दिन चल रही है (मंगलवार, 17 मार्च 2037 और बुधवार, 18 मार्च 2037)। अधिकांश पंचांगों की तरह पहला दिन लिया गया है।

2038

सोमवार, 5 अप्रैल 2038

2038 में तिथि 4 अप्रैल, रात 10:13 से 6 अप्रैल, रात 12:41 तक है; सोमवार, 5 अप्रैल 2038 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए उगादि / गुड़ी पड़वा इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

उगादि / गुड़ी पड़वा चान्द्र मास चैत्र के शुक्ल पक्ष का पहला दिन (प्रतिपदा) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

तेलुगु और कन्नड़ क्षेत्रों में उगादि और महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा दोनों चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को पड़ते हैं, जो फाल्गुन अमावस्या के बाद की पहली तिथि है, मार्च या अप्रैल में। यह अमांत चांद्र वर्ष और साठ वर्षीय चक्र के नये संवत्सर का आरंभ है। सूर्योदय की तिथि ली जाती है; यदि सूर्योदय पर प्रतिपदा न हो तो पिछला दिन लिया जाता है। उत्तर में इसी दिन चैत्र नवरात्रि आरंभ होती है, और कश्मीर में यह नवरेह है।

कैसे मनाया जाता है

घर सजाये जाते हैं, महाराष्ट्र में गुड़ी खड़ी की जाती है, और दक्षिण में नये वर्ष का पंचांग सुना जाता है (पंचांग श्रवणम्)।

पंचांग में और