मुख्य सामग्री पर जाएँ
School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Vasant Panchami

वसंत पंचमी

माघ शुक्ल पंचमी; सरस्वती का दिन और वसंत का पहला संकेत।

1995 में: शनिवार, 4 फ़रवरी 1995 (नई दिल्ली)

व्हाट्सऐप

1995

शनिवार, 4 फ़रवरी 1995

1995 में तिथि 4 फ़रवरी, रात 12:20 से 5 फ़रवरी, रात 1:14 तक है; शनिवार, 4 फ़रवरी 1995 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए वसंत पंचमी इसी दिन है।

1996

बुधवार, 24 जनवरी 1996

1996 में तिथि 24 जनवरी, सुबह 6:02 से 25 जनवरी, सुबह 4:35 तक है; बुधवार, 24 जनवरी 1996 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए वसंत पंचमी इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

वसंत पंचमी चान्द्र मास माघ के शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन (पञ्चमी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

वसंत पंचमी माघ शुक्ल पक्ष की पाँचवीं तिथि को पड़ती है, प्रायः जनवरी के अंत या फरवरी के आरंभ में। सूर्योदय के समय की तिथि ली जाती है, और यदि पंचमी दो दिन फैले तो पूर्वाह्न-काल को वरीयता दी जाती है। बंगाल, बिहार और ओडिशा में इसे सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है, जहाँ पुस्तकें और वाद्य देवी के सामने रखे जाते हैं। उत्तर भारत में इस दिन बच्चों को परंपरा से लेखन का आरंभ कराया जाता है, और पीले वस्त्र तथा भोजन खिले सरसों के खेतों की याद दिलाते हैं।

कैसे मनाया जाता है

सरस्वती पूजन, बच्चों का विद्यारंभ और पीले वस्त्र धारण करना सामान्य आचरण हैं।

पंचांग में और