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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Vasant Panchami

वसंत पंचमी

माघ शुक्ल पंचमी; सरस्वती का दिन और वसंत का पहला संकेत।

2025 में: रविवार, 2 फ़रवरी 2025 (नई दिल्ली)

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2025

रविवार, 2 फ़रवरी 2025

2025 में तिथि 2 फ़रवरी, सुबह 9:14 से 3 फ़रवरी, सुबह 6:53 तक है; यह किसी भी सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) को नहीं छूती, इसलिए जिस दिन यह शुरू होती है वह दिन लिया गया है: रविवार, 2 फ़रवरी 2025।

2026

शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

2026 में तिथि 23 जनवरी, रात 2:28 से 24 जनवरी, रात 1:46 तक है; शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए वसंत पंचमी इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

वसंत पंचमी चान्द्र मास माघ के शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन (पञ्चमी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

वसंत पंचमी माघ शुक्ल पक्ष की पाँचवीं तिथि को पड़ती है, प्रायः जनवरी के अंत या फरवरी के आरंभ में। सूर्योदय के समय की तिथि ली जाती है, और यदि पंचमी दो दिन फैले तो पूर्वाह्न-काल को वरीयता दी जाती है। बंगाल, बिहार और ओडिशा में इसे सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है, जहाँ पुस्तकें और वाद्य देवी के सामने रखे जाते हैं। उत्तर भारत में इस दिन बच्चों को परंपरा से लेखन का आरंभ कराया जाता है, और पीले वस्त्र तथा भोजन खिले सरसों के खेतों की याद दिलाते हैं।

कैसे मनाया जाता है

सरस्वती पूजन, बच्चों का विद्यारंभ और पीले वस्त्र धारण करना सामान्य आचरण हैं।

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