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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Vat Savitri

वट सावित्री

उत्तर भारत में ज्येष्ठ से पहले की अमावस्या को वट वृक्ष पर स्त्रियों का व्रत।

2035 में: बुधवार, 6 जून 2035 (नई दिल्ली)

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2035

बुधवार, 6 जून 2035

2035 में तिथि 5 जून, दोपहर 12:42 से 6 जून, सुबह 8:50 तक है; बुधवार, 6 जून 2035 को सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह चल रही है, इसलिए वट सावित्री इसी दिन है।

2036

इस वर्ष की तारीख अभी उपलब्ध नहीं है।

तारीख कैसे तय होती है

वट सावित्री चान्द्र मास वैशाख को समाप्त करने वाली अमावस्या को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन सूर्योदय (सामान्य ‘उदया तिथि’ नियम) के समय यह तिथि चल रही हो। उत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना में यही पखवाड़ा ज्येष्ठ मास में गिना जाता है।

परिचय

वट सावित्री सावित्री का स्मरण है, जिन्होंने यम से अपने पति सत्यवान को वापस पाया। उत्तर भारत में इसे पूर्णिमांत पंचांग की ज्येष्ठ अमावस्या को रखा जाता है, जो अमांत दृष्टि से वैशाख कृष्ण अमावस्या है, मई के अंत या जून में। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कुछ भाग इसके बजाय वट पूर्णिमा रखते हैं, पंद्रह दिन बाद ज्येष्ठ पूर्णिमा को। दोनों के लिए सूर्योदय की तिथि ली जाती है; इंजन उत्तरी अमावस्या-नियम देता है और पूर्णिमा-विकल्प का उल्लेख करता है।

कैसे मनाया जाता है

विवाहित स्त्रियाँ उपवास रखती हैं, वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उस पर सूत बाँधती हैं और सावित्री की कथा सुनती हैं।

पंचांग में और