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School of Vedic Sciences, FORE

पर्व और व्रत · Vijayadashami

विजयादशमी

आश्विन शुक्ल दशमी, अपराह्न में; रावण-दहन और शमी पूजन।

2015 में: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2015 (नई दिल्ली)

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2015

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2015

2015 में तिथि 22 अक्टूबर, सुबह 11:58 से 23 अक्टूबर, सुबह 9:51 तक है; गुरुवार, 22 अक्टूबर 2015 को अपराह्न (दोपहर बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए विजयादशमी इसी दिन है।

2016

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2016

2016 में तिथि 10 अक्टूबर, रात 10:53 से 11 अक्टूबर, रात 10:28 तक है; मंगलवार, 11 अक्टूबर 2016 को अपराह्न (दोपहर बाद का समय) के समय यह चल रही है, इसलिए विजयादशमी इसी दिन है।

तारीख कैसे तय होती है

विजयादशमी चान्द्र मास आश्विन के शुक्ल पक्ष का दसवाँ दिन (दशमी) को पड़ता है। तारीख वह दिन है जिस दिन अपराह्न (दोपहर बाद का समय) के समय यह तिथि चल रही हो।

परिचय

विजयादशमी आश्विन शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि है, सितंबर या अक्टूबर में, नवरात्रि के समापन के अगले दिन। निर्णायक काल अपराह्न है: जिस दिन के अपराह्न में दशमी हो वही दिन चुना जाता है, और उस अवधि में श्रवण नक्षत्र विशेष उपयुक्त माना जाता है। यह मुहूर्त परंपरा के साढ़े तीन मुहूर्त दिनों में से एक है। उत्तर भारत संध्या में रावण के पुतले जलाता है, मैसूर अपनी राजसी शोभायात्रा निकालता है, बंगाल दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन करता है, और महाराष्ट्र तथा दक्कन में शमी के पत्ते 'सोने' के रूप में बाँटे जाते हैं।

कैसे मनाया जाता है

अपराह्न में शमी पूजन और सीमोल्लंघन, संध्या में रामलीला और रावण दहन, और पूर्व में दुर्गा विसर्जन।

पंचांग में और