पंचांग · पर्व और व्रत
2005 के पर्व और व्रत
हर तारीख इंजन ने चन्द्र-तिथि, नक्षत्र या सूर्य की संक्रान्ति से निकाली है, चुने गए नगर के सूर्योदय के अनुसार। पर्व खोलें तो यह भी पढ़ें कि तारीख कैसे तय हुई।
तारीखें सोलापुर के लिए · नगर बदलें
मास-नाम: नियम अमान्त मास से चलते हैं, जो अमावस्या पर समाप्त होता है (जैसे दक्षिण और पश्चिम भारत में)। कृष्ण पक्ष में उत्तर भारत का पूर्णिमान्त मास अगले मास में पहुँच चुका होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष की प्रविष्टियों पर दोनों नाम दिए हैं, जैसे कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)। श्रावण सोमवार पूर्णिमान्त मास से गिने जाते हैं, जैसे दिल्ली के पंचांग छापते हैं।
जनवरी 2005
25 जनवरीमंगल
पौष पूर्णिमा (शाकम्भरी)पूरे चाँद का दिन · पौष
फ़रवरी 2005
24 फ़रवरीगुरु
माघ पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · माघ
मार्च 2005
25 मार्चशुक्र
होलिका दहन (फाल्गुन पूर्णिमा)पूरे चाँद का दिन · फाल्गुन
अप्रैल 2005
24 अप्रैलरवि
हनुमान जयंतीपूरे चाँद का दिन · चैत्र
मई 2005
23 मईसोम
बुद्ध पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · वैशाख
जून 2005
22 जूनबुध
वट पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · ज्येष्ठ
जुलाई 2005
21 जुलाईगुरु
गुरु पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · आषाढ़
अगस्त 2005
19 अगस्तशुक्र
रक्षा बंधन (श्रावण पूर्णिमा)पूरे चाँद का दिन · श्रावण
सितंबर 2005
18 सितंबररवि
भाद्रपद पूर्णिमा (उमा-महेश्वर व्रत)पूरे चाँद का दिन · भाद्रपद
अक्टूबर 2005
17 अक्टूबरसोम
शरद पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · आश्विन
नवंबर 2005
15 नवंबरमंगल
कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)पूरे चाँद का दिन · कार्तिक
दिसंबर 2005
15 दिसंबरगुरु
मार्गशीर्ष पूर्णिमा (दत्तात्रेय जयंती)पूरे चाँद का दिन · मार्गशीर्ष
सरल भाषा की टिप्पणियाँ प्रचलित पंचांग-परम्परा का विद्यालय द्वारा किया गया सार हैं, अध्ययन के लिए। ये सलाह नहीं हैं।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- गोचरहर ग्रह का राशि-परिवर्तन, वक्री-मार्गी और अस्त।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
