पंचांग · पर्व और व्रत
2045 के पर्व और व्रत
हर तारीख इंजन ने चन्द्र-तिथि, नक्षत्र या सूर्य की संक्रान्ति से निकाली है, चुने गए नगर के सूर्योदय के अनुसार। पर्व खोलें तो यह भी पढ़ें कि तारीख कैसे तय हुई।
तारीखें गुरुवायूर के लिए · नगर बदलें
मास-नाम: नियम अमान्त मास से चलते हैं, जो अमावस्या पर समाप्त होता है (जैसे दक्षिण और पश्चिम भारत में)। कृष्ण पक्ष में उत्तर भारत का पूर्णिमान्त मास अगले मास में पहुँच चुका होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष की प्रविष्टियों पर दोनों नाम दिए हैं, जैसे कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)। श्रावण सोमवार पूर्णिमान्त मास से गिने जाते हैं, जैसे दिल्ली के पंचांग छापते हैं।
जनवरी 2045
3 जनवरीमंगल
पौष पूर्णिमा (शाकम्भरी)पूरे चाँद का दिन · पौष
फ़रवरी 2045
1 फ़रवरीबुध
माघ पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · माघ
मार्च 2045
3 मार्चशुक्र
होलिका दहन (फाल्गुन पूर्णिमा)पूरे चाँद का दिन · फाल्गुन
अप्रैल 2045
1 अप्रैलशनि
हनुमान जयंतीपूरे चाँद का दिन · चैत्र
मई 2045
1 मईसोम
बुद्ध पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · वैशाख
30 मईमंगल
अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · ज्येष्ठ
जून 2045
29 जूनगुरु
वट पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · ज्येष्ठ
जुलाई 2045
28 जुलाईशुक्र
गुरु पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · आषाढ़
अगस्त 2045
27 अगस्तरवि
रक्षा बंधन (श्रावण पूर्णिमा)पूरे चाँद का दिन · श्रावण
सितंबर 2045
26 सितंबरमंगल
भाद्रपद पूर्णिमा (उमा-महेश्वर व्रत)पूरे चाँद का दिन · भाद्रपद
अक्टूबर 2045
25 अक्टूबरबुध
शरद पूर्णिमापूरे चाँद का दिन · आश्विन
नवंबर 2045
24 नवंबरशुक्र
कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)पूरे चाँद का दिन · कार्तिक
दिसंबर 2045
23 दिसंबरशनि
मार्गशीर्ष पूर्णिमा (दत्तात्रेय जयंती)पूरे चाँद का दिन · मार्गशीर्ष
सरल भाषा की टिप्पणियाँ प्रचलित पंचांग-परम्परा का विद्यालय द्वारा किया गया सार हैं, अध्ययन के लिए। ये सलाह नहीं हैं।
पंचांग में और
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- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
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- गोचरहर ग्रह का राशि-परिवर्तन, वक्री-मार्गी और अस्त।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
