पंचांग · पर्व और व्रत
2022 के पर्व और व्रत
हर तारीख इंजन ने चन्द्र-तिथि, नक्षत्र या सूर्य की संक्रान्ति से निकाली है, चुने गए नगर के सूर्योदय के अनुसार। पर्व खोलें तो यह भी पढ़ें कि तारीख कैसे तय हुई।
तारीखें बालेश्वर के लिए · नगर बदलें
मास-नाम: नियम अमान्त मास से चलते हैं, जो अमावस्या पर समाप्त होता है (जैसे दक्षिण और पश्चिम भारत में)। कृष्ण पक्ष में उत्तर भारत का पूर्णिमान्त मास अगले मास में पहुँच चुका होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष की प्रविष्टियों पर दोनों नाम दिए हैं, जैसे कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)। श्रावण सोमवार पूर्णिमान्त मास से गिने जाते हैं, जैसे दिल्ली के पंचांग छापते हैं।
जनवरी 2022
1 जनवरीशनि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · पौष (पूर्णिमान्त) = मार्गशीर्ष (अमान्त)
7 जनवरीशुक्र
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · पौष
13 जनवरीगुरु
पौष पुत्रदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · पौष शुक्ल
15 जनवरीशनि
शनि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
21 जनवरीशुक्र
लम्बोदर संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
28 जनवरीशुक्र
षटतिला एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · माघ कृष्ण (पूर्णिमान्त) = पौष कृष्ण (अमान्त)
29 जनवरीशनि
शनि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
30 जनवरीरवि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · माघ (पूर्णिमान्त) = पौष (अमान्त)
फ़रवरी 2022
6 फ़रवरीरवि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · माघ
12 फ़रवरीशनि
जया एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · माघ शुक्ल
14 फ़रवरीसोम
सोम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
19 फ़रवरीशनि
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
27 फ़रवरीरवि
विजया एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · फाल्गुन कृष्ण (पूर्णिमान्त) = माघ कृष्ण (अमान्त)
28 फ़रवरीसोम
सोम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
मार्च 2022
1 मार्चमंगल
8 मार्चमंगल
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · फाल्गुन
14 मार्चसोम
आमलकी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · फाल्गुन शुक्ल
15 मार्चमंगल
भौम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
21 मार्चसोम
भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
28 मार्चसोम
पापमोचनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · चैत्र कृष्ण (पूर्णिमान्त) = फाल्गुन कृष्ण (अमान्त)
29 मार्चमंगल
भौम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
30 मार्चबुध
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · चैत्र (पूर्णिमान्त) = फाल्गुन (अमान्त)
अप्रैल 2022
7 अप्रैलगुरु
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · चैत्र
12 अप्रैलमंगल
कामदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · चैत्र शुक्ल
14 अप्रैलगुरु
गुरु प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
19 अप्रैलमंगल
अंगारकी विकट संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
26 अप्रैलमंगल
वरूथिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · वैशाख कृष्ण (पूर्णिमान्त) = चैत्र कृष्ण (अमान्त)
28 अप्रैलगुरु
गुरु प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
29 अप्रैलशुक्र
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · वैशाख (पूर्णिमान्त) = चैत्र (अमान्त)
मई 2022
6 मईशुक्र
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · वैशाख
12 मईगुरु
मोहिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · वैशाख शुक्ल
13 मईशुक्र
शुक्र प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
18 मईबुध
एकदन्त संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
26 मईगुरु
अपरा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · ज्येष्ठ कृष्ण (पूर्णिमान्त) = वैशाख कृष्ण (अमान्त)
27 मईशुक्र
शुक्र प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
28 मईशनि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · ज्येष्ठ (पूर्णिमान्त) = वैशाख (अमान्त)
30 मईसोम
वट सावित्रीउत्तर भारत में ज्येष्ठ से पहले की अमावस्या को वट वृक्ष पर स्त्रियों का व्रत।
जून 2022
5 जूनरवि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · ज्येष्ठ
11 जूनशनि
निर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल की निर्जल एकादशी, जिसे चौबीसों के समान माना जाता है।
12 जूनरवि
रवि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
17 जूनशुक्र
कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
24 जूनशुक्र
योगिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आषाढ़ कृष्ण (पूर्णिमान्त) = ज्येष्ठ कृष्ण (अमान्त)
26 जूनरवि
रवि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
27 जूनसोम
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · आषाढ़ (पूर्णिमान्त) = ज्येष्ठ (अमान्त)
जुलाई 2022
5 जुलाईमंगल
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · आषाढ़
10 जुलाईरवि
देवशयनी एकादशीआषाढ़ शुक्ल एकादशी, जब विष्णु का चार मास का शयन आरंभ माना जाता है।
11 जुलाईसोम
सोम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
16 जुलाईशनि
गजानन संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
18 जुलाईसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
24 जुलाईरवि
कामिका एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)
25 जुलाईसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
25 जुलाईसोम
सोम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
26 जुलाईमंगल
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · श्रावण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ (अमान्त)
अगस्त 2022
1 अगस्तसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
3 अगस्तबुध
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · श्रावण
8 अगस्तसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
8 अगस्तसोम
श्रावण पुत्रदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · श्रावण शुक्ल
9 अगस्तमंगल
भौम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
15 अगस्तसोम
हेरम्ब संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
22 अगस्तसोम
अजा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · भाद्रपद कृष्ण (पूर्णिमान्त) = श्रावण कृष्ण (अमान्त)
24 अगस्तबुध
बुध प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
25 अगस्तगुरु
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · भाद्रपद (पूर्णिमान्त) = श्रावण (अमान्त)
30 अगस्तमंगल
हरतालिका तीजभाद्रपद शुक्ल तृतीया को पार्वती के लिए स्त्रियों का व्रत।
सितंबर 2022
1 सितंबरगुरु
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · भाद्रपद
7 सितंबरबुध
परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · भाद्रपद शुक्ल
8 सितंबरगुरु
गुरु प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
13 सितंबरमंगल
अंगारकी विघ्नराज संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
21 सितंबरबुध
इन्दिरा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आश्विन कृष्ण (पूर्णिमान्त) = भाद्रपद कृष्ण (अमान्त)
23 सितंबरशुक्र
शुक्र प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
24 सितंबरशनि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · आश्विन (पूर्णिमान्त) = भाद्रपद (अमान्त)
अक्टूबर 2022
1 अक्टूबरशनि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · आश्विन
6 अक्टूबरगुरु
पापांकुशा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आश्विन शुक्ल
7 अक्टूबरशुक्र
शुक्र प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
13 अक्टूबरगुरु
करवा चौथशरद पूर्णिमा के बाद की चतुर्थी को भोर से चंद्रोदय तक पत्नियों का व्रत।
13 अक्टूबरगुरु
वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
17 अक्टूबरसोम
अहोई अष्टमीकार्तिक कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) को संतान के लिए माताओं का व्रत, तारों के उदय पर पूर्ण।
21 अक्टूबरशुक्र
रमा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · कार्तिक कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आश्विन कृष्ण (अमान्त)
23 अक्टूबररवि
रवि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
23 अक्टूबररवि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · कार्तिक (पूर्णिमान्त) = आश्विन (अमान्त)
30 अक्टूबररवि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · कार्तिक
नवंबर 2022
4 नवंबरशुक्र
देवउठनी एकादशीसाथ में: देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी
कार्तिक शुक्ल एकादशी, चातुर्मास का अंत और विवाह-काल का पुनः आरंभ।
5 नवंबरशनि
शनि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
12 नवंबरशनि
गणाधिप संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
20 नवंबररवि
उत्पन्ना एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · मार्गशीर्ष कृष्ण (पूर्णिमान्त) = कार्तिक कृष्ण (अमान्त)
21 नवंबरसोम
सोम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
22 नवंबरमंगल
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · मार्गशीर्ष (पूर्णिमान्त) = कार्तिक (अमान्त)
28 नवंबरसोम
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · मार्गशीर्ष
दिसंबर 2022
3 दिसंबरशनि
मोक्षदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · मार्गशीर्ष शुक्ल
5 दिसंबरसोम
सोम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
11 दिसंबररवि
अखुरथ संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
19 दिसंबरसोम
सफला एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · पौष कृष्ण (पूर्णिमान्त) = मार्गशीर्ष कृष्ण (अमान्त)
21 दिसंबरबुध
बुध प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
21 दिसंबरबुध
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · पौष (पूर्णिमान्त) = मार्गशीर्ष (अमान्त)
28 दिसंबरबुध
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · पौष
सरल भाषा की टिप्पणियाँ प्रचलित पंचांग-परम्परा का विद्यालय द्वारा किया गया सार हैं, अध्ययन के लिए। ये सलाह नहीं हैं।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- गोचरहर ग्रह का राशि-परिवर्तन, वक्री-मार्गी और अस्त।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
