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School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · पर्व और व्रत

2045 के पर्व और व्रत

हर तारीख इंजन ने चन्द्र-तिथि, नक्षत्र या सूर्य की संक्रान्ति से निकाली है, चुने गए नगर के सूर्योदय के अनुसार। पर्व खोलें तो यह भी पढ़ें कि तारीख कैसे तय हुई।

तारीखें एडिसन के लिए · नगर बदलें

सभी समय एडिसन के स्थानीय समय (America/New York, EST/EDT) में।

मास-नाम: नियम अमान्त मास से चलते हैं, जो अमावस्या पर समाप्त होता है (जैसे दक्षिण और पश्चिम भारत में)। कृष्ण पक्ष में उत्तर भारत का पूर्णिमान्त मास अगले मास में पहुँच चुका होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष की प्रविष्टियों पर दोनों नाम दिए हैं, जैसे कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)। श्रावण सोमवार पूर्णिमान्त मास से गिने जाते हैं, जैसे दिल्ली के पंचांग छापते हैं।

जनवरी 2045

फ़रवरी 2045

मार्च 2045

अप्रैल 2045

मई 2045

जून 2045

जुलाई 2045

अगस्त 2045

सितंबर 2045

अक्टूबर 2045

नवंबर 2045

  • 1 नवंबरबुध

    अहोई अष्टमी

    कार्तिक कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) को संतान के लिए माताओं का व्रत, तारों के उदय पर पूर्ण।

  • 4 नवंबरशनि

    रमा एकादशी

    ग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · कार्तिक कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आश्विन कृष्ण (अमान्त)

  • 6 नवंबरसोम

    सोम प्रदोष (कृष्ण)

    त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा

  • 6 नवंबरसोम

    मासिक शिवरात्रि

    कृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · कार्तिक (पूर्णिमान्त) = आश्विन (अमान्त)

  • 13 नवंबरसोम

    स्कन्द षष्ठी

    शुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · कार्तिक

  • 19 नवंबररवि

    देवउठनी एकादशी

    साथ में: देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी

    कार्तिक शुक्ल एकादशी, चातुर्मास का अंत और विवाह-काल का पुनः आरंभ।

  • 21 नवंबरमंगल

    भौम प्रदोष (शुक्ल)

    त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा

  • 27 नवंबरसोम

    गणाधिप संकष्टी चतुर्थी

    कृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत

दिसंबर 2045

सरल भाषा की टिप्पणियाँ प्रचलित पंचांग-परम्परा का विद्यालय द्वारा किया गया सार हैं, अध्ययन के लिए। ये सलाह नहीं हैं।

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