पंचांग · पर्व और व्रत
2034 के पर्व और व्रत
हर तारीख इंजन ने चन्द्र-तिथि, नक्षत्र या सूर्य की संक्रान्ति से निकाली है, चुने गए नगर के सूर्योदय के अनुसार। पर्व खोलें तो यह भी पढ़ें कि तारीख कैसे तय हुई।
तारीखें जयपुर के लिए · नगर बदलें
मास-नाम: नियम अमान्त मास से चलते हैं, जो अमावस्या पर समाप्त होता है (जैसे दक्षिण और पश्चिम भारत में)। कृष्ण पक्ष में उत्तर भारत का पूर्णिमान्त मास अगले मास में पहुँच चुका होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष की प्रविष्टियों पर दोनों नाम दिए हैं, जैसे कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)। श्रावण सोमवार पूर्णिमान्त मास से गिने जाते हैं, जैसे दिल्ली के पंचांग छापते हैं।
जनवरी 2034
1 जनवरीरवि
पौष पुत्रदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · पौष शुक्ल
2 जनवरीसोम
सोम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
8 जनवरीरवि
लम्बोदर संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
16 जनवरीसोम
षटतिला एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · माघ कृष्ण (पूर्णिमान्त) = पौष कृष्ण (अमान्त)
17 जनवरीमंगल
भौम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
18 जनवरीबुध
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · माघ (पूर्णिमान्त) = पौष (अमान्त)
25 जनवरीबुध
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · माघ
30 जनवरीसोम
जया एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · माघ शुक्ल
31 जनवरीमंगल
भौम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
फ़रवरी 2034
6 फ़रवरीसोम
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
15 फ़रवरीबुध
विजया एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · फाल्गुन कृष्ण (पूर्णिमान्त) = माघ कृष्ण (अमान्त)
16 फ़रवरीगुरु
गुरु प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
17 फ़रवरीशुक्र
23 फ़रवरीगुरु
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · फाल्गुन
28 फ़रवरीमंगल
आमलकी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · फाल्गुन शुक्ल
मार्च 2034
2 मार्चगुरु
गुरु प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
8 मार्चबुध
भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
16 मार्चगुरु
पापमोचनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · चैत्र कृष्ण (पूर्णिमान्त) = फाल्गुन कृष्ण (अमान्त)
18 मार्चशनि
शनि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
18 मार्चशनि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · चैत्र (पूर्णिमान्त) = फाल्गुन (अमान्त)
25 मार्चशनि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · चैत्र
30 मार्चगुरु
कामदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · चैत्र शुक्ल
अप्रैल 2034
1 अप्रैलशनि
शनि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
7 अप्रैलशुक्र
विकट संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
15 अप्रैलशनि
वरूथिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · वैशाख कृष्ण (पूर्णिमान्त) = चैत्र कृष्ण (अमान्त)
16 अप्रैलरवि
रवि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
17 अप्रैलसोम
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · वैशाख (पूर्णिमान्त) = चैत्र (अमान्त)
23 अप्रैलरवि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · वैशाख
29 अप्रैलशनि
मोहिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · वैशाख शुक्ल
30 अप्रैलरवि
रवि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
मई 2034
7 मईरवि
एकदन्त संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
14 मईरवि
अपरा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · ज्येष्ठ कृष्ण (पूर्णिमान्त) = वैशाख कृष्ण (अमान्त)
15 मईसोम
सोम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
16 मईमंगल
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · ज्येष्ठ (पूर्णिमान्त) = वैशाख (अमान्त)
18 मईगुरु
वट सावित्रीउत्तर भारत में ज्येष्ठ से पहले की अमावस्या को वट वृक्ष पर स्त्रियों का व्रत।
22 मईसोम
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · ज्येष्ठ
28 मईरवि
निर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल की निर्जल एकादशी, जिसे चौबीसों के समान माना जाता है।
30 मईमंगल
भौम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
जून 2034
5 जूनसोम
कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
13 जूनमंगल
योगिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आषाढ़ कृष्ण (पूर्णिमान्त) = ज्येष्ठ कृष्ण (अमान्त)
14 जूनबुध
बुध प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
14 जूनबुध
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · आषाढ़ (पूर्णिमान्त) = ज्येष्ठ (अमान्त)
21 जूनबुध
अधिक स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · अधिक आषाढ़
27 जूनमंगल
पद्मिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · अधिक आषाढ़ शुक्ल
28 जूनबुध
बुध प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
जुलाई 2034
5 जुलाईबुध
अधिक संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
12 जुलाईबुध
परमा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · अधिक आषाढ़ कृष्ण
13 जुलाईगुरु
गुरु प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
14 जुलाईशुक्र
अधिक मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · अधिक आषाढ़
21 जुलाईशुक्र
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · आषाढ़
27 जुलाईगुरु
देवशयनी एकादशीआषाढ़ शुक्ल एकादशी, जब विष्णु का चार मास का शयन आरंभ माना जाता है।
28 जुलाईशुक्र
शुक्र प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
अगस्त 2034
3 अगस्तगुरु
गजानन संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
7 अगस्तसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
10 अगस्तगुरु
कामिका एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)
11 अगस्तशुक्र
शुक्र प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
12 अगस्तशनि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · श्रावण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ (अमान्त)
14 अगस्तसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
19 अगस्तशनि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · श्रावण
21 अगस्तसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
25 अगस्तशुक्र
श्रावण पुत्रदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · श्रावण शुक्ल
27 अगस्तरवि
रवि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
28 अगस्तसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
सितंबर 2034
1 सितंबरशुक्र
हेरम्ब संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
8 सितंबरशुक्र
अजा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · भाद्रपद कृष्ण (पूर्णिमान्त) = श्रावण कृष्ण (अमान्त)
10 सितंबररवि
रवि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
10 सितंबररवि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · भाद्रपद (पूर्णिमान्त) = श्रावण (अमान्त)
15 सितंबरशुक्र
हरतालिका तीजभाद्रपद शुक्ल तृतीया को पार्वती के लिए स्त्रियों का व्रत।
18 सितंबरसोम
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · भाद्रपद
24 सितंबररवि
परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · भाद्रपद शुक्ल
25 सितंबरसोम
सोम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
30 सितंबरशनि
विघ्नराज संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
अक्टूबर 2034
8 अक्टूबररवि
इन्दिरा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आश्विन कृष्ण (पूर्णिमान्त) = भाद्रपद कृष्ण (अमान्त)
9 अक्टूबरसोम
सोम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
10 अक्टूबरमंगल
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · आश्विन (पूर्णिमान्त) = भाद्रपद (अमान्त)
18 अक्टूबरबुध
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · आश्विन
23 अक्टूबरसोम
पापांकुशा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आश्विन शुक्ल
25 अक्टूबरबुध
बुध प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
30 अक्टूबरसोम
करवा चौथशरद पूर्णिमा के बाद की चतुर्थी को भोर से चंद्रोदय तक पत्नियों का व्रत।
30 अक्टूबरसोम
वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
नवंबर 2034
3 नवंबरशुक्र
अहोई अष्टमीकार्तिक कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) को संतान के लिए माताओं का व्रत, तारों के उदय पर पूर्ण।
6 नवंबरसोम
रमा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · कार्तिक कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आश्विन कृष्ण (अमान्त)
8 नवंबरबुध
बुध प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
9 नवंबरगुरु
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · कार्तिक (पूर्णिमान्त) = आश्विन (अमान्त)
17 नवंबरशुक्र
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · कार्तिक
22 नवंबरबुध
देवउठनी एकादशीसाथ में: देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी
कार्तिक शुक्ल एकादशी, चातुर्मास का अंत और विवाह-काल का पुनः आरंभ।
23 नवंबरगुरु
गुरु प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
28 नवंबरमंगल
अंगारकी गणाधिप संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
दिसंबर 2034
6 दिसंबरबुध
उत्पन्ना एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · मार्गशीर्ष कृष्ण (पूर्णिमान्त) = कार्तिक कृष्ण (अमान्त)
8 दिसंबरशुक्र
शुक्र प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
8 दिसंबरशुक्र
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · मार्गशीर्ष (पूर्णिमान्त) = कार्तिक (अमान्त)
16 दिसंबरशनि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · मार्गशीर्ष
22 दिसंबरशुक्र
मोक्षदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · मार्गशीर्ष शुक्ल
23 दिसंबरशनि
शनि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
28 दिसंबरगुरु
अखुरथ संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
सरल भाषा की टिप्पणियाँ प्रचलित पंचांग-परम्परा का विद्यालय द्वारा किया गया सार हैं, अध्ययन के लिए। ये सलाह नहीं हैं।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- गोचरहर ग्रह का राशि-परिवर्तन, वक्री-मार्गी और अस्त।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
