पंचांग · पर्व और व्रत
2042 के पर्व और व्रत
हर तारीख इंजन ने चन्द्र-तिथि, नक्षत्र या सूर्य की संक्रान्ति से निकाली है, चुने गए नगर के सूर्योदय के अनुसार। पर्व खोलें तो यह भी पढ़ें कि तारीख कैसे तय हुई।
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मास-नाम: नियम अमान्त मास से चलते हैं, जो अमावस्या पर समाप्त होता है (जैसे दक्षिण और पश्चिम भारत में)। कृष्ण पक्ष में उत्तर भारत का पूर्णिमान्त मास अगले मास में पहुँच चुका होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष की प्रविष्टियों पर दोनों नाम दिए हैं, जैसे कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)। श्रावण सोमवार पूर्णिमान्त मास से गिने जाते हैं, जैसे दिल्ली के पंचांग छापते हैं।
जनवरी 2042
2 जनवरीगुरु
पौष पुत्रदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · पौष शुक्ल
3 जनवरीशुक्र
शुक्र प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
9 जनवरीगुरु
लम्बोदर संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
18 जनवरीशनि
षटतिला एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · माघ कृष्ण (पूर्णिमान्त) = पौष कृष्ण (अमान्त)
19 जनवरीरवि
रवि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
20 जनवरीसोम
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · माघ (पूर्णिमान्त) = पौष (अमान्त)
26 जनवरीरवि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · माघ
31 जनवरीशुक्र
जया एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · माघ शुक्ल
फ़रवरी 2042
2 फ़रवरीरवि
रवि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
8 फ़रवरीशनि
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
16 फ़रवरीरवि
विजया एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · फाल्गुन कृष्ण (पूर्णिमान्त) = माघ कृष्ण (अमान्त)
18 फ़रवरीमंगल
18 फ़रवरीमंगल
भौम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
25 फ़रवरीमंगल
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · फाल्गुन
मार्च 2042
2 मार्चरवि
आमलकी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · फाल्गुन शुक्ल
4 मार्चमंगल
भौम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
10 मार्चसोम
भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
18 मार्चमंगल
पापमोचनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · चैत्र कृष्ण (पूर्णिमान्त) = फाल्गुन कृष्ण (अमान्त)
19 मार्चबुध
बुध प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
20 मार्चगुरु
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · चैत्र (पूर्णिमान्त) = फाल्गुन (अमान्त)
26 मार्चबुध
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · चैत्र
अप्रैल 2042
1 अप्रैलमंगल
कामदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · चैत्र शुक्ल
2 अप्रैलबुध
बुध प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
9 अप्रैलबुध
विकट संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
16 अप्रैलबुध
वरूथिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · वैशाख कृष्ण (पूर्णिमान्त) = चैत्र कृष्ण (अमान्त)
17 अप्रैलगुरु
गुरु प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
18 अप्रैलशुक्र
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · वैशाख (पूर्णिमान्त) = चैत्र (अमान्त)
25 अप्रैलशुक्र
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · वैशाख
30 अप्रैलबुध
मोहिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · वैशाख शुक्ल
मई 2042
2 मईशुक्र
शुक्र प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
8 मईगुरु
एकदन्त संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
16 मईशुक्र
अपरा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · ज्येष्ठ कृष्ण (पूर्णिमान्त) = वैशाख कृष्ण (अमान्त)
17 मईशनि
शनि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
17 मईशनि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · ज्येष्ठ (पूर्णिमान्त) = वैशाख (अमान्त)
19 मईसोम
वट सावित्रीउत्तर भारत में ज्येष्ठ से पहले की अमावस्या को वट वृक्ष पर स्त्रियों का व्रत।
24 मईशनि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · ज्येष्ठ
30 मईशुक्र
निर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल की निर्जल एकादशी, जिसे चौबीसों के समान माना जाता है।
जून 2042
1 जूनरवि
रवि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
7 जूनशनि
कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
14 जूनशनि
योगिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आषाढ़ कृष्ण (पूर्णिमान्त) = ज्येष्ठ कृष्ण (अमान्त)
15 जूनरवि
रवि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
16 जूनसोम
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · आषाढ़ (पूर्णिमान्त) = ज्येष्ठ (अमान्त)
23 जूनसोम
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · आषाढ़
29 जूनरवि
देवशयनी एकादशीआषाढ़ शुक्ल एकादशी, जब विष्णु का चार मास का शयन आरंभ माना जाता है।
30 जूनसोम
सोम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
जुलाई 2042
6 जुलाईरवि
गजानन संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
7 जुलाईसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
13 जुलाईरवि
कामिका एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)
14 जुलाईसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
14 जुलाईसोम
सोम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
15 जुलाईमंगल
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · श्रावण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ (अमान्त)
22 जुलाईमंगल
अधिक स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · अधिक श्रावण
28 जुलाईसोम
पद्मिनी एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · अधिक श्रावण शुक्ल
30 जुलाईबुध
बुध प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
अगस्त 2042
4 अगस्तसोम
अधिक संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
11 अगस्तसोम
परमा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · अधिक श्रावण कृष्ण
13 अगस्तबुध
बुध प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
13 अगस्तबुध
अधिक मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · अधिक श्रावण
18 अगस्तसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
21 अगस्तगुरु
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · श्रावण
25 अगस्तसोम
श्रावण सोमवारउत्तर भारत की पूर्णिमान्त गणना के श्रावण मास के सोमवार, शिव के लिए।
27 अगस्तबुध
श्रावण पुत्रदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · श्रावण शुक्ल
28 अगस्तगुरु
गुरु प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
सितंबर 2042
2 सितंबरमंगल
अंगारकी हेरम्ब संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
10 सितंबरबुध
अजा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · भाद्रपद कृष्ण (पूर्णिमान्त) = श्रावण कृष्ण (अमान्त)
11 सितंबरगुरु
गुरु प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
12 सितंबरशुक्र
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · भाद्रपद (पूर्णिमान्त) = श्रावण (अमान्त)
17 सितंबरबुध
हरतालिका तीजभाद्रपद शुक्ल तृतीया को पार्वती के लिए स्त्रियों का व्रत।
20 सितंबरशनि
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · भाद्रपद
25 सितंबरगुरु
परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · भाद्रपद शुक्ल
27 सितंबरशनि
शनि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
अक्टूबर 2042
2 अक्टूबरगुरु
विघ्नराज संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
9 अक्टूबरगुरु
इन्दिरा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आश्विन कृष्ण (पूर्णिमान्त) = भाद्रपद कृष्ण (अमान्त)
11 अक्टूबरशनि
शनि प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
12 अक्टूबररवि
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · आश्विन (पूर्णिमान्त) = भाद्रपद (अमान्त)
20 अक्टूबरसोम
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · आश्विन
25 अक्टूबरशनि
पापांकुशा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आश्विन शुक्ल
26 अक्टूबररवि
रवि प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
31 अक्टूबरशुक्र
करवा चौथशरद पूर्णिमा के बाद की चतुर्थी को भोर से चंद्रोदय तक पत्नियों का व्रत।
31 अक्टूबरशुक्र
वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
नवंबर 2042
4 नवंबरमंगल
अहोई अष्टमीकार्तिक कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) को संतान के लिए माताओं का व्रत, तारों के उदय पर पूर्ण।
8 नवंबरशनि
रमा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · कार्तिक कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आश्विन कृष्ण (अमान्त)
10 नवंबरसोम
सोम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
10 नवंबरसोम
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · कार्तिक (पूर्णिमान्त) = आश्विन (अमान्त)
18 नवंबरमंगल
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · कार्तिक
23 नवंबररवि
देवउठनी एकादशीसाथ में: देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी
कार्तिक शुक्ल एकादशी, चातुर्मास का अंत और विवाह-काल का पुनः आरंभ।
25 नवंबरमंगल
भौम प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
30 नवंबररवि
गणाधिप संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
दिसंबर 2042
8 दिसंबरसोम
उत्पन्ना एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · मार्गशीर्ष कृष्ण (पूर्णिमान्त) = कार्तिक कृष्ण (अमान्त)
9 दिसंबरमंगल
भौम प्रदोष (कृष्ण)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
10 दिसंबरबुध
मासिक शिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · मार्गशीर्ष (पूर्णिमान्त) = कार्तिक (अमान्त)
18 दिसंबरगुरु
स्कन्द षष्ठीशुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · मार्गशीर्ष
23 दिसंबरमंगल
मोक्षदा एकादशीग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · मार्गशीर्ष शुक्ल
24 दिसंबरबुध
बुध प्रदोष (शुक्ल)त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा
29 दिसंबरसोम
अखुरथ संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत
सरल भाषा की टिप्पणियाँ प्रचलित पंचांग-परम्परा का विद्यालय द्वारा किया गया सार हैं, अध्ययन के लिए। ये सलाह नहीं हैं।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- गोचरहर ग्रह का राशि-परिवर्तन, वक्री-मार्गी और अस्त।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
