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School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · पर्व और व्रत

2050 के पर्व और व्रत

हर तारीख इंजन ने चन्द्र-तिथि, नक्षत्र या सूर्य की संक्रान्ति से निकाली है, चुने गए नगर के सूर्योदय के अनुसार। पर्व खोलें तो यह भी पढ़ें कि तारीख कैसे तय हुई।

तारीखें सिएटल के लिए · नगर बदलें

सभी समय सिएटल के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।

मास-नाम: नियम अमान्त मास से चलते हैं, जो अमावस्या पर समाप्त होता है (जैसे दक्षिण और पश्चिम भारत में)। कृष्ण पक्ष में उत्तर भारत का पूर्णिमान्त मास अगले मास में पहुँच चुका होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष की प्रविष्टियों पर दोनों नाम दिए हैं, जैसे कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)। श्रावण सोमवार पूर्णिमान्त मास से गिने जाते हैं, जैसे दिल्ली के पंचांग छापते हैं।

जनवरी 2050

  • 22 जनवरीशनि

    मौनी अमावस्या (शनि)

    चाँद रहित दिन; पितरों का स्मरण · माघ अमावस्या (पूर्णिमान्त) = पौष अमावस्या (अमान्त)

फ़रवरी 2050

  • 20 फ़रवरीरवि

    माघ अमावस्या

    चाँद रहित दिन; पितरों का स्मरण · फाल्गुन अमावस्या (पूर्णिमान्त) = माघ अमावस्या (अमान्त)

मार्च 2050

अप्रैल 2050

  • 20 अप्रैलबुध

    चैत्र अमावस्या

    चाँद रहित दिन; पितरों का स्मरण · वैशाख अमावस्या (पूर्णिमान्त) = चैत्र अमावस्या (अमान्त)

मई 2050

  • 20 मईशुक्र

    वट सावित्री अमावस्या

    चाँद रहित दिन; पितरों का स्मरण · ज्येष्ठ अमावस्या (पूर्णिमान्त) = वैशाख अमावस्या (अमान्त)

जून 2050

  • 18 जूनशनि

    ज्येष्ठ अमावस्या (शनि)

    चाँद रहित दिन; पितरों का स्मरण · आषाढ़ अमावस्या (पूर्णिमान्त) = ज्येष्ठ अमावस्या (अमान्त)

जुलाई 2050

अगस्त 2050

  • 16 अगस्तमंगल

    श्रावण अमावस्या (भौमवती)

    चाँद रहित दिन; पितरों का स्मरण · भाद्रपद अमावस्या (पूर्णिमान्त) = श्रावण अमावस्या (अमान्त)

सितंबर 2050

अक्टूबर 2050

नवंबर 2050

दिसंबर 2050

  • 13 दिसंबरमंगल

    कार्तिक अमावस्या (भौमवती)

    चाँद रहित दिन; पितरों का स्मरण · मार्गशीर्ष अमावस्या (पूर्णिमान्त) = कार्तिक अमावस्या (अमान्त)

सरल भाषा की टिप्पणियाँ प्रचलित पंचांग-परम्परा का विद्यालय द्वारा किया गया सार हैं, अध्ययन के लिए। ये सलाह नहीं हैं।

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