मुख्य सामग्री पर जाएँ
School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · पर्व और व्रत

2040 के पर्व और व्रत

हर तारीख इंजन ने चन्द्र-तिथि, नक्षत्र या सूर्य की संक्रान्ति से निकाली है, चुने गए नगर के सूर्योदय के अनुसार। पर्व खोलें तो यह भी पढ़ें कि तारीख कैसे तय हुई।

तारीखें मेलबर्न के लिए · नगर बदलें

सभी समय मेलबर्न के स्थानीय समय (Australia/Melbourne, AEDT/AEST) में।

मास-नाम: नियम अमान्त मास से चलते हैं, जो अमावस्या पर समाप्त होता है (जैसे दक्षिण और पश्चिम भारत में)। कृष्ण पक्ष में उत्तर भारत का पूर्णिमान्त मास अगले मास में पहुँच चुका होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष की प्रविष्टियों पर दोनों नाम दिए हैं, जैसे कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आषाढ़ कृष्ण (अमान्त)। श्रावण सोमवार पूर्णिमान्त मास से गिने जाते हैं, जैसे दिल्ली के पंचांग छापते हैं।

जनवरी 2040

फ़रवरी 2040

मार्च 2040

अप्रैल 2040

मई 2040

जून 2040

जुलाई 2040

अगस्त 2040

सितंबर 2040

अक्टूबर 2040

  • 2 अक्टूबरमंगल

    इन्दिरा एकादशी

    ग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आश्विन कृष्ण (पूर्णिमान्त) = भाद्रपद कृष्ण (अमान्त)

  • 3 अक्टूबरबुध

    बुध प्रदोष (कृष्ण)

    त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा

  • 4 अक्टूबरगुरु

    मासिक शिवरात्रि

    कृष्ण चतुर्दशी, अर्धरात्रि में · आश्विन (पूर्णिमान्त) = भाद्रपद (अमान्त)

  • 11 अक्टूबरगुरु

    स्कन्द षष्ठी

    शुक्ल षष्ठी, पिछली तिथि से युक्त दिन · आश्विन

  • 16 अक्टूबरमंगल

    पापांकुशा एकादशी

    ग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · आश्विन शुक्ल

  • 17 अक्टूबरबुध

    बुध प्रदोष (शुक्ल)

    त्रयोदशी; सन्ध्या को शिव पूजा

  • 23 अक्टूबरमंगल

    करवा चौथ

    शरद पूर्णिमा के बाद की चतुर्थी को भोर से चंद्रोदय तक पत्नियों का व्रत।

  • 23 अक्टूबरमंगल

    अंगारकी वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी

    कृष्ण चतुर्थी; चन्द्रोदय पर खुलने वाला गणेश व्रत

  • 28 अक्टूबररवि

    अहोई अष्टमी

    कार्तिक कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) को संतान के लिए माताओं का व्रत, तारों के उदय पर पूर्ण।

  • 31 अक्टूबरबुध

    रमा एकादशी

    ग्यारहवीं तिथि; विष्णु का व्रत · कार्तिक कृष्ण (पूर्णिमान्त) = आश्विन कृष्ण (अमान्त)

नवंबर 2040

दिसंबर 2040

सरल भाषा की टिप्पणियाँ प्रचलित पंचांग-परम्परा का विद्यालय द्वारा किया गया सार हैं, अध्ययन के लिए। ये सलाह नहीं हैं।

पंचांग में और