पंचांग · गोचर
गोचर 1992: ग्रह कब राशि बदलते हैं
1992 में गुरु (बृहस्पति) 11 सितंबर को कन्या में, राहु 30 अक्टूबर को वृश्चिक में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
1 जनवरी 1992 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में16 दिसंबर 1991 से, 14 जनवरी 1992 तक
- चन्द्रतुला में29 दिसंबर 1991 से, 1 जनवरी 1992 तक
- मंगलवृश्चिक में20 नवंबर 1991 से, 1 जनवरी 1992 तक
- बुधवृश्चिक में1 दिसंबर 1991 से, 5 जनवरी 1992 तक
- गुरु (बृहस्पति)वक्रीसिंह में14 अगस्त 1991 से, 11 सितंबर 1992 तक
- शुक्रवृश्चिक में26 दिसंबर 1991 से, 20 जनवरी 1992 तक
- शनिमकर में14 दिसंबर 1990 से, 5 मार्च 1993 तक
- राहुधनु में13 अप्रैल 1991 से, 30 अक्टूबर 1992 तक
- केतुमिथुन में13 अप्रैल 1991 से, 30 अक्टूबर 1992 तक
1992 का गोचर कैलेंडर
समय भारतीय मानक समय (IST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 1992
1 जनवरीरात 3:55
मंगल का धनु में प्रवेश
4 जनवरीशाम 4:36
मंगल का उदय (अस्त समाप्त)†
5 जनवरीशाम 5:21
बुध का धनु में प्रवेश
13 जनवरीसुबह 10:25
शनि अस्त (15 फ़रवरी तक)†
14 जनवरीरात 9:29
सूर्य का मकर में प्रवेश
20 जनवरीसुबह 9:59
शुक्र का धनु में प्रवेश
21 जनवरीदोपहर 12:11
बुध अस्त (29 फ़रवरी तक)†
26 जनवरीसुबह 4:38
बुध का मकर में प्रवेश
फ़रवरी 1992
10 फ़रवरीसुबह 5:16
मंगल का मकर में प्रवेश
13 फ़रवरीरात 1:40
बुध का कुम्भ में प्रवेश
13 फ़रवरीसुबह 10:28
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
13 फ़रवरीरात 8:18
शुक्र का मकर में प्रवेश
15 फ़रवरीरात 9:30
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
29 फ़रवरीसुबह 9:20
बुध का मीन में प्रवेश
29 फ़रवरीसुबह 11:38
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
मार्च 1992
9 मार्चरात 3:50
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
14 मार्चसुबह 7:21
सूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्चसुबह 6:02
बुध मीन 17°34′ पर वक्री
19 मार्चदोपहर 1:04
बुध अस्त (2 अप्रैल तक)†
20 मार्चसुबह 5:48
मंगल का कुम्भ में प्रवेश
अप्रैल 1992
2 अप्रैलसुबह 11:05
शुक्र का मीन में प्रवेश
2 अप्रैलदोपहर 2:36
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
9 अप्रैलसुबह 11:56
बुध मीन 4°59′ पर मार्गी
13 अप्रैलदोपहर 3:54
सूर्य का मेष में प्रवेश
26 अप्रैलशाम 7:15
शुक्र का मेष में प्रवेश
27 अप्रैलरात 11:57
मंगल का मीन में प्रवेश
मई 1992
1 मईरात 1:26
गुरु (बृहस्पति) सिंह 10°53′ पर मार्गी
7 मईसुबह 10:56
बुध का मेष में प्रवेश
7 मईदोपहर 3:33
शुक्र अस्त (20 जुलाई तक)†
14 मईदोपहर 12:50
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
19 मईदोपहर 1:31
बुध अस्त (13 जून तक)†
21 मईसुबह 4:39
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
24 मईरात 3:31
बुध का वृषभ में प्रवेश
28 मईशाम 6:31
शनि मकर 24°44′ पर वक्री
जून 1992
6 जूनसुबह 11:09
मंगल का मेष में प्रवेश
7 जूनरात 12:14
बुध का मिथुन में प्रवेश
13 जूनरात 12:26
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
14 जूनदोपहर 2:42
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
14 जूनशाम 7:29
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
23 जूनरात 3:40
बुध का कर्क में प्रवेश
जुलाई 1992
9 जुलाईरात 12:35
शुक्र का कर्क में प्रवेश
16 जुलाईसुबह 6:24
सूर्य का कर्क में प्रवेश
17 जुलाईरात 10:46
मंगल का वृषभ में प्रवेश
20 जुलाईसुबह 5:41
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
20 जुलाईसुबह 6:22
बुध कर्क 23°44′ पर वक्री
26 जुलाईशाम 6:22
बुध अस्त (10 अगस्त तक)†
अगस्त 1992
2 अगस्तसुबह 9:59
शुक्र का सिंह में प्रवेश
10 अगस्तरात 10:28
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
13 अगस्तसुबह 8:23
बुध कर्क 12°13′ पर मार्गी
16 अगस्तदोपहर 2:49
सूर्य का सिंह में प्रवेश
26 अगस्तशाम 7:33
शुक्र का कन्या में प्रवेश
31 अगस्तरात 3:52
बुध का सिंह में प्रवेश
31 अगस्तसुबह 4:35
बुध अस्त (4 अक्टूबर तक)†
सितंबर 1992
1 सितंबररात 8:03
मंगल का मिथुन में प्रवेश
3 सितंबरसुबह 11:01
गुरु (बृहस्पति) अस्त (2 अक्टूबर तक)†
11 सितंबरशाम 5:48
गुरु (बृहस्पति) का कन्या में प्रवेश
16 सितंबररात 12:46
बुध का कन्या में प्रवेश
16 सितंबरदोपहर 2:43
सूर्य का कन्या में प्रवेश
20 सितंबरसुबह 6:29
शुक्र का तुला में प्रवेश
अक्टूबर 1992
2 अक्टूबरसुबह 9:23
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
3 अक्टूबरदोपहर 2:44
बुध का तुला में प्रवेश
4 अक्टूबरशाम 6:09
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
14 अक्टूबररात 8:01
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
16 अक्टूबरसुबह 8:08
शनि मकर 18°04′ पर मार्गी
17 अक्टूबररात 2:38
सूर्य का तुला में प्रवेश
24 अक्टूबरदोपहर 2:59
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
30 अक्टूबरसुबह 7:19
राहु का वृश्चिक में प्रवेश (वक्री गति से)
30 अक्टूबरसुबह 7:19
केतु का वृषभ में प्रवेश (वक्री गति से)
नवंबर 1992
3 नवंबररात 11:34
मंगल का कर्क में प्रवेश
8 नवंबरदोपहर 1:48
शुक्र का धनु में प्रवेश
11 नवंबरदोपहर 3:18
बुध वृश्चिक 14°38′ पर वक्री
16 नवंबररात 2:23
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
16 नवंबरशाम 4:00
बुध अस्त (27 नवंबर तक)†
27 नवंबरसुबह 11:28
बुध का तुला में प्रवेश (वक्री गति से)
27 नवंबरशाम 6:21
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
29 नवंबरसुबह 4:56
मंगल कर्क 3°52′ पर वक्री
दिसंबर 1992
1 दिसंबरदोपहर 1:00
बुध तुला 28°27′ पर मार्गी
3 दिसंबरशाम 4:01
शुक्र का मकर में प्रवेश
5 दिसंबररात 11:21
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
15 दिसंबरशाम 4:59
सूर्य का धनु में प्रवेश
22 दिसंबररात 9:26
मंगल का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)
29 दिसंबरदोपहर 2:43
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
29 दिसंबरशाम 5:03
बुध का धनु में प्रवेश
30 दिसंबरसुबह 6:18
बुध अस्त (11 फ़रवरी तक)†
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
