पंचांग · गोचर
गोचर 2006: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2006 में राहु 12 अक्टूबर को कुम्भ में, गुरु (बृहस्पति) 28 अक्टूबर को वृश्चिक में, शनि 1 नवंबर को सिंह में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय ब्रिस्बेन के स्थानीय समय (Australia/Brisbane, AEST) में।
1 जनवरी 2006 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में16 दिसंबर 2005 से, 14 जनवरी 2006 तक
- चन्द्रधनु में30 दिसंबर 2005 से, 1 जनवरी 2006 तक
- मंगलमेष में18 जुलाई 2005 से, 5 फ़रवरी 2006 तक
- बुधधनु में31 दिसंबर 2005 से, 19 जनवरी 2006 तक
- गुरु (बृहस्पति)तुला में28 सितंबर 2005 से, 28 अक्टूबर 2006 तक
- शुक्रवक्रीमकर में3 दिसंबर 2005 से, 13 जनवरी 2006 तक
- शनिवक्रीकर्क में26 मई 2005 से, 1 नवंबर 2006 तक
- राहुमीन में25 मार्च 2005 से, 12 अक्टूबर 2006 तक
- केतुकन्या में25 मार्च 2005 से, 12 अक्टूबर 2006 तक
2006 का गोचर कैलेंडर
सभी समय ब्रिस्बेन के स्थानीय समय (Australia/Brisbane, AEST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2006
3 जनवरीरात 12:28
बुध अस्त (14 फ़रवरी तक)†
9 जनवरीसुबह 11:21
शुक्र अस्त (19 जनवरी तक)†
13 जनवरीरात 11:30
शुक्र का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
14 जनवरीशाम 4:18
सूर्य का मकर में प्रवेश
19 जनवरीसुबह 8:50
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
19 जनवरीदोपहर 2:13
बुध का मकर में प्रवेश
फ़रवरी 2006
3 फ़रवरीशाम 7:20
शुक्र धनु 22°05′ पर मार्गी
5 फ़रवरीदोपहर 3:15
मंगल का वृषभ में प्रवेश
6 फ़रवरीरात 2:21
बुध का कुम्भ में प्रवेश
13 फ़रवरीसुबह 5:19
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
14 फ़रवरीरात 11:00
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
25 फ़रवरीरात 1:37
बुध का मीन में प्रवेश
25 फ़रवरीसुबह 10:39
शुक्र का मकर में प्रवेश
मार्च 2006
3 मार्चसुबह 6:28
बुध मीन 2°59′ पर वक्री
5 मार्चरात 3:44
गुरु (बृहस्पति) तुला 24°55′ पर वक्री
5 मार्चदोपहर 3:16
बुध अस्त (18 मार्च तक)†
9 मार्चशाम 5:56
बुध का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)
15 मार्चरात 2:13
सूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्चरात 9:06
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
25 मार्चरात 11:42
बुध कुम्भ 19°14′ पर मार्गी
31 मार्चदोपहर 3:04
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
अप्रैल 2006
3 अप्रैलरात 9:00
मंगल का मिथुन में प्रवेश
5 अप्रैलरात 11:24
शनि कर्क 10°26′ पर मार्गी
11 अप्रैलरात 9:49
बुध का मीन में प्रवेश
14 अप्रैलसुबह 10:43
सूर्य का मेष में प्रवेश
28 अप्रैलसुबह 11:07
शुक्र का मीन में प्रवेश
मई 2006
2 मईसुबह 10:49
बुध का मेष में प्रवेश
6 मईदोपहर 1:09
बुध अस्त (31 मई तक)†
15 मईसुबह 7:35
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मईदोपहर 12:17
बुध का वृषभ में प्रवेश
24 मईशाम 5:42
शुक्र का मेष में प्रवेश
25 मईरात 2:48
मंगल का कर्क में प्रवेश
31 मईसुबह 8:43
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
31 मईदोपहर 3:43
बुध का मिथुन में प्रवेश
जून 2006
15 जूनदोपहर 2:09
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
19 जूनसुबह 7:52
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
20 जूनरात 9:48
बुध का कर्क में प्रवेश
जुलाई 2006
5 जुलाईसुबह 5:32
बुध कर्क 7°26′ पर वक्री
6 जुलाईशाम 5:36
गुरु (बृहस्पति) तुला 15°02′ पर मार्गी
10 जुलाईरात 10:47
बुध अस्त (26 जुलाई तक)†
13 जुलाईसुबह 10:22
मंगल का सिंह में प्रवेश
14 जुलाईसुबह 11:50
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
17 जुलाईरात 1:01
सूर्य का कर्क में प्रवेश
20 जुलाईशाम 7:31
शनि अस्त (25 अगस्त तक)†
21 जुलाईसुबह 4:19
बुध का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)
26 जुलाईरात 9:56
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
29 जुलाईसुबह 10:40
बुध मिथुन 27°07′ पर मार्गी
अगस्त 2006
5 अगस्तरात 9:30
बुध का कर्क में प्रवेश
8 अगस्तसुबह 7:09
शुक्र का कर्क में प्रवेश
17 अगस्तसुबह 9:26
सूर्य का सिंह में प्रवेश
18 अगस्तसुबह 10:58
बुध अस्त (19 सितंबर तक)†
25 अगस्तसुबह 4:36
बुध का सिंह में प्रवेश
25 अगस्तरात 9:40
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
30 अगस्तसुबह 4:11
मंगल का कन्या में प्रवेश
सितंबर 2006
1 सितंबरसुबह 6:08
मंगल अस्त (16 दिसंबर तक)†
1 सितंबरशाम 6:33
शुक्र का सिंह में प्रवेश
9 सितंबररात 8:10
बुध का कन्या में प्रवेश
17 सितंबरसुबह 9:23
सूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सितंबररात 12:16
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
19 सितंबररात 10:18
शुक्र अस्त (7 दिसंबर तक)†
25 सितंबररात 11:26
शुक्र का कन्या में प्रवेश
28 सितंबरसुबह 8:58
बुध का तुला में प्रवेश
अक्टूबर 2006
12 अक्टूबरदोपहर 2:24
राहु का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)
12 अक्टूबरदोपहर 2:24
केतु का सिंह में प्रवेश (वक्री गति से)
15 अक्टूबररात 2:09
मंगल का तुला में प्रवेश
17 अक्टूबररात 9:21
सूर्य का तुला में प्रवेश
20 अक्टूबररात 12:00
शुक्र का तुला में प्रवेश
24 अक्टूबररात 10:00
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
28 अक्टूबररात 2:20
गुरु (बृहस्पति) का वृश्चिक में प्रवेश
29 अक्टूबरसुबह 5:15
बुध वृश्चिक 1°08′ पर वक्री
नवंबर 2006
1 नवंबरसुबह 10:04
शनि का सिंह में प्रवेश
2 नवंबररात 3:21
बुध का तुला में प्रवेश (वक्री गति से)
3 नवंबरशाम 6:25
बुध अस्त (15 नवंबर तक)†
8 नवंबरसुबह 9:12
गुरु (बृहस्पति) अस्त (6 दिसंबर तक)†
12 नवंबररात 10:19
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
15 नवंबररात 2:00
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
16 नवंबररात 9:09
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नवंबरसुबह 10:25
बुध तुला 15°07′ पर मार्गी
28 नवंबररात 12:05
मंगल का वृश्चिक में प्रवेश
दिसंबर 2006
4 दिसंबरसुबह 11:05
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
6 दिसंबरसुबह 7:09
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
6 दिसंबरदोपहर 1:37
शनि सिंह 1°07′ पर वक्री
6 दिसंबरशाम 7:52
शुक्र का धनु में प्रवेश
7 दिसंबरदोपहर 1:51
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
12 दिसंबररात 8:29
बुध अस्त (28 जनवरी तक)†
16 दिसंबरसुबह 11:47
सूर्य का धनु में प्रवेश
16 दिसंबरदोपहर 3:11
मंगल का उदय (अस्त समाप्त)†
24 दिसंबरसुबह 9:49
बुध का धनु में प्रवेश
30 दिसंबरशाम 5:40
शुक्र का मकर में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
