पंचांग · गोचर
गोचर 2006: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2006 में राहु 12 अक्टूबर को कुम्भ में, गुरु (बृहस्पति) 27 अक्टूबर को वृश्चिक में, शनि 31 अक्टूबर को सिंह में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय पोर्ट ऑफ़ स्पेन के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में।
1 जनवरी 2006 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में15 दिसंबर 2005 से, 14 जनवरी 2006 तक
- चन्द्रमकर में31 दिसंबर 2005 से, 2 जनवरी 2006 तक
- मंगलमेष में17 जुलाई 2005 से, 5 फ़रवरी 2006 तक
- बुधधनु में30 दिसंबर 2005 से, 19 जनवरी 2006 तक
- गुरु (बृहस्पति)तुला में27 सितंबर 2005 से, 27 अक्टूबर 2006 तक
- शुक्रवक्रीमकर में3 दिसंबर 2005 से, 13 जनवरी 2006 तक
- शनिवक्रीकर्क में25 मई 2005 से, 31 अक्टूबर 2006 तक
- राहुमीन में24 मार्च 2005 से, 12 अक्टूबर 2006 तक
- केतुकन्या में24 मार्च 2005 से, 12 अक्टूबर 2006 तक
2006 का गोचर कैलेंडर
सभी समय पोर्ट ऑफ़ स्पेन के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2006
2 जनवरीसुबह 10:28
बुध अस्त (14 फ़रवरी तक)†
8 जनवरीरात 9:21
शुक्र अस्त (18 जनवरी तक)†
13 जनवरीसुबह 9:30
शुक्र का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
14 जनवरीरात 2:18
सूर्य का मकर में प्रवेश
18 जनवरीशाम 6:50
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
19 जनवरीरात 12:13
बुध का मकर में प्रवेश
फ़रवरी 2006
3 फ़रवरीसुबह 5:20
शुक्र धनु 22°05′ पर मार्गी
5 फ़रवरीरात 1:15
मंगल का वृषभ में प्रवेश
5 फ़रवरीदोपहर 12:21
बुध का कुम्भ में प्रवेश
12 फ़रवरीदोपहर 3:19
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
14 फ़रवरीसुबह 9:00
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
24 फ़रवरीसुबह 11:37
बुध का मीन में प्रवेश
24 फ़रवरीरात 8:39
शुक्र का मकर में प्रवेश
मार्च 2006
2 मार्चशाम 4:28
बुध मीन 2°59′ पर वक्री
4 मार्चदोपहर 1:44
गुरु (बृहस्पति) तुला 24°55′ पर वक्री
5 मार्चरात 1:16
बुध अस्त (18 मार्च तक)†
9 मार्चरात 3:56
बुध का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)
14 मार्चदोपहर 12:13
सूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्चसुबह 7:06
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
25 मार्चसुबह 9:42
बुध कुम्भ 19°14′ पर मार्गी
31 मार्चरात 1:04
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
अप्रैल 2006
3 अप्रैलसुबह 7:00
मंगल का मिथुन में प्रवेश
5 अप्रैलसुबह 9:24
शनि कर्क 10°26′ पर मार्गी
11 अप्रैलसुबह 7:49
बुध का मीन में प्रवेश
13 अप्रैलरात 8:43
सूर्य का मेष में प्रवेश
27 अप्रैलरात 9:07
शुक्र का मीन में प्रवेश
मई 2006
1 मईरात 8:49
बुध का मेष में प्रवेश
5 मईरात 11:09
बुध अस्त (30 मई तक)†
14 मईशाम 5:35
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
16 मईरात 10:17
बुध का वृषभ में प्रवेश
24 मईरात 3:42
शुक्र का मेष में प्रवेश
24 मईदोपहर 12:48
मंगल का कर्क में प्रवेश
30 मईशाम 6:43
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
31 मईरात 1:43
बुध का मिथुन में प्रवेश
जून 2006
15 जूनरात 12:09
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
18 जूनशाम 5:52
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
20 जूनसुबह 7:48
बुध का कर्क में प्रवेश
जुलाई 2006
4 जुलाईदोपहर 3:32
बुध कर्क 7°26′ पर वक्री
6 जुलाईरात 3:36
गुरु (बृहस्पति) तुला 15°02′ पर मार्गी
10 जुलाईसुबह 8:47
बुध अस्त (26 जुलाई तक)†
12 जुलाईरात 8:22
मंगल का सिंह में प्रवेश
13 जुलाईरात 9:50
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
16 जुलाईसुबह 11:01
सूर्य का कर्क में प्रवेश
20 जुलाईसुबह 5:31
शनि अस्त (25 अगस्त तक)†
20 जुलाईदोपहर 2:19
बुध का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)
26 जुलाईसुबह 7:56
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
28 जुलाईरात 8:40
बुध मिथुन 27°07′ पर मार्गी
अगस्त 2006
5 अगस्तसुबह 7:30
बुध का कर्क में प्रवेश
7 अगस्तशाम 5:09
शुक्र का कर्क में प्रवेश
16 अगस्तशाम 7:26
सूर्य का सिंह में प्रवेश
17 अगस्तरात 8:58
बुध अस्त (18 सितंबर तक)†
24 अगस्तदोपहर 2:36
बुध का सिंह में प्रवेश
25 अगस्तसुबह 7:40
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
29 अगस्तदोपहर 2:11
मंगल का कन्या में प्रवेश
31 अगस्तशाम 4:08
मंगल अस्त (16 दिसंबर तक)†
सितंबर 2006
1 सितंबरसुबह 4:33
शुक्र का सिंह में प्रवेश
9 सितंबरसुबह 6:10
बुध का कन्या में प्रवेश
16 सितंबरशाम 7:23
सूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सितंबरसुबह 10:16
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
19 सितंबरसुबह 8:18
शुक्र अस्त (6 दिसंबर तक)†
25 सितंबरसुबह 9:26
शुक्र का कन्या में प्रवेश
27 सितंबरशाम 6:58
बुध का तुला में प्रवेश
अक्टूबर 2006
12 अक्टूबररात 12:24
राहु का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)
12 अक्टूबररात 12:24
केतु का सिंह में प्रवेश (वक्री गति से)
14 अक्टूबरदोपहर 12:09
मंगल का तुला में प्रवेश
17 अक्टूबरसुबह 7:21
सूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टूबरसुबह 10:00
शुक्र का तुला में प्रवेश
24 अक्टूबरसुबह 8:00
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
27 अक्टूबरदोपहर 12:20
गुरु (बृहस्पति) का वृश्चिक में प्रवेश
28 अक्टूबरदोपहर 3:15
बुध वृश्चिक 1°08′ पर वक्री
31 अक्टूबररात 8:04
शनि का सिंह में प्रवेश
नवंबर 2006
1 नवंबरदोपहर 1:21
बुध का तुला में प्रवेश (वक्री गति से)
3 नवंबरसुबह 4:25
बुध अस्त (14 नवंबर तक)†
7 नवंबरशाम 7:12
गुरु (बृहस्पति) अस्त (5 दिसंबर तक)†
12 नवंबरसुबह 8:19
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
14 नवंबरदोपहर 12:00
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
16 नवंबरसुबह 7:09
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नवंबररात 8:25
बुध तुला 15°07′ पर मार्गी
27 नवंबरसुबह 10:05
मंगल का वृश्चिक में प्रवेश
दिसंबर 2006
3 दिसंबररात 9:05
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
5 दिसंबरशाम 5:09
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
5 दिसंबररात 11:37
शनि सिंह 1°07′ पर वक्री
6 दिसंबरसुबह 5:52
शुक्र का धनु में प्रवेश
6 दिसंबररात 11:51
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
12 दिसंबरसुबह 6:29
बुध अस्त (28 जनवरी तक)†
15 दिसंबररात 9:47
सूर्य का धनु में प्रवेश
16 दिसंबररात 1:11
मंगल का उदय (अस्त समाप्त)†
23 दिसंबरशाम 7:49
बुध का धनु में प्रवेश
30 दिसंबररात 3:40
शुक्र का मकर में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
