पंचांग · गोचर
गोचर 2007: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2007 में शनि 10 जनवरी को कर्क में, शनि 15 जुलाई को सिंह में, गुरु (बृहस्पति) 21 नवंबर को धनु में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय टोरंटो के स्थानीय समय (America/Toronto, EST/EDT) में।
1 जनवरी 2007 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में15 दिसंबर 2006 से, 14 जनवरी 2007 तक
- चन्द्रवृषभ में30 दिसंबर 2006 से, 1 जनवरी 2007 तक
- मंगलवृश्चिक में27 नवंबर 2006 से, 8 जनवरी 2007 तक
- बुधधनु में23 दिसंबर 2006 से, 11 जनवरी 2007 तक
- गुरु (बृहस्पति)वृश्चिक में27 अक्टूबर 2006 से, 21 नवंबर 2007 तक
- शुक्रमकर में30 दिसंबर 2006 से, 23 जनवरी 2007 तक
- शनिवक्रीसिंह में31 अक्टूबर 2006 से, 10 जनवरी 2007 तक
- राहुकुम्भ में12 अक्टूबर 2006 से, 30 अप्रैल 2008 तक
- केतुसिंह में12 अक्टूबर 2006 से, 30 अप्रैल 2008 तक
2007 का गोचर कैलेंडर
सभी समय टोरंटो के स्थानीय समय (America/Toronto, EST/EDT) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2007
8 जनवरीसुबह 9:30
मंगल का धनु में प्रवेश
10 जनवरीसुबह 9:36
शनि का कर्क में प्रवेश (वक्री गति से)
11 जनवरीदोपहर 1:26
बुध का मकर में प्रवेश
14 जनवरीसुबह 7:30
सूर्य का मकर में प्रवेश
23 जनवरीरात 2:08
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
28 जनवरीरात 3:50
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
29 जनवरीसुबह 7:35
बुध का कुम्भ में प्रवेश
फ़रवरी 2007
12 फ़रवरीरात 8:29
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
13 फ़रवरीरात 11:37
बुध कुम्भ 16°17′ पर वक्री
16 फ़रवरीसुबह 5:44
शुक्र का मीन में प्रवेश
16 फ़रवरीदोपहर 12:37
बुध अस्त (28 फ़रवरी तक)†
17 फ़रवरीरात 8:19
मंगल का मकर में प्रवेश
28 फ़रवरीरात 11:05
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
मार्च 2007
7 मार्चरात 11:44
बुध कुम्भ 1°28′ पर मार्गी
12 मार्चशाम 6:13
शुक्र का मेष में प्रवेश
14 मार्चशाम 6:21
सूर्य का मीन में प्रवेश
29 मार्चसुबह 7:34
मंगल का कुम्भ में प्रवेश
अप्रैल 2007
5 अप्रैलरात 9:04
गुरु (बृहस्पति) वृश्चिक 25°49′ पर वक्री
6 अप्रैलशाम 6:54
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
6 अप्रैलरात 10:51
बुध का मीन में प्रवेश
14 अप्रैलरात 2:50
सूर्य का मेष में प्रवेश
19 अप्रैलदोपहर 3:13
बुध अस्त (15 मई तक)†
19 अप्रैलशाम 5:54
शनि कर्क 24°12′ पर मार्गी
24 अप्रैलरात 3:07
बुध का मेष में प्रवेश
मई 2007
2 मईशाम 5:46
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
7 मईसुबह 11:27
मंगल का मीन में प्रवेश
8 मईसुबह 8:50
बुध का वृषभ में प्रवेश
14 मईरात 11:41
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
15 मईसुबह 7:38
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
24 मईसुबह 10:11
बुध का मिथुन में प्रवेश
30 मईदोपहर 1:02
शुक्र का कर्क में प्रवेश
जून 2007
15 जूनसुबह 6:14
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
15 जूनशाम 7:39
बुध मिथुन 17°38′ पर वक्री
16 जूनसुबह 10:40
मंगल का मेष में प्रवेश
20 जूनसुबह 9:04
बुध अस्त (7 जुलाई तक)†
जुलाई 2007
3 जुलाईशाम 5:40
शुक्र का सिंह में प्रवेश
7 जुलाईरात 2:35
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
9 जुलाईरात 10:15
बुध मिथुन 8°31′ पर मार्गी
15 जुलाईशाम 6:00
शनि का सिंह में प्रवेश
16 जुलाईशाम 5:05
सूर्य का कर्क में प्रवेश
27 जुलाईदोपहर 1:26
शुक्र सिंह 9°00′ पर वक्री
28 जुलाईरात 10:45
मंगल का वृषभ में प्रवेश
अगस्त 2007
1 अगस्तसुबह 8:16
बुध का कर्क में प्रवेश
2 अगस्तसुबह 9:40
बुध अस्त (31 अगस्त तक)†
3 अगस्तशाम 7:40
शनि अस्त (8 सितंबर तक)†
6 अगस्तरात 10:22
गुरु (बृहस्पति) वृश्चिक 15°58′ पर मार्गी
12 अगस्तरात 8:51
शुक्र अस्त (23 अगस्त तक)†
16 अगस्तसुबह 7:56
बुध का सिंह में प्रवेश
17 अगस्तरात 1:30
सूर्य का सिंह में प्रवेश
19 अगस्तसुबह 10:01
शुक्र का कर्क में प्रवेश (वक्री गति से)
23 अगस्तरात 2:02
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
31 अगस्तसुबह 5:15
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
सितंबर 2007
1 सितंबरदोपहर 2:55
बुध का कन्या में प्रवेश
8 सितंबरदोपहर 12:15
शुक्र कर्क 22°38′ पर मार्गी
8 सितंबरदोपहर 3:52
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
16 सितंबरसुबह 11:52
मंगल का मिथुन में प्रवेश
17 सितंबररात 1:28
सूर्य का कन्या में प्रवेश
22 सितंबरसुबह 6:20
बुध का तुला में प्रवेश
29 सितंबरदोपहर 2:47
शुक्र का सिंह में प्रवेश
अक्टूबर 2007
11 अक्टूबररात 11:59
बुध तुला 15°07′ पर वक्री
17 अक्टूबरदोपहर 1:26
सूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टूबररात 3:33
बुध अस्त (29 अक्टूबर तक)†
29 अक्टूबररात 8:15
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
30 अक्टूबरसुबह 6:42
बुध का कन्या में प्रवेश (वक्री गति से)
नवंबर 2007
1 नवंबरशाम 6:58
बुध कन्या 29°24′ पर मार्गी
2 नवंबररात 11:33
शुक्र का कन्या में प्रवेश
4 नवंबरसुबह 8:07
बुध का तुला में प्रवेश
15 नवंबररात 3:20
मंगल मिथुन 18°29′ पर वक्री
16 नवंबरदोपहर 12:13
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
21 नवंबरशाम 5:55
गुरु (बृहस्पति) का धनु में प्रवेश
22 नवंबररात 12:47
बुध अस्त (10 जनवरी तक)†
27 नवंबरसुबह 10:50
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
30 नवंबररात 3:39
शुक्र का तुला में प्रवेश
दिसंबर 2007
9 दिसंबररात 2:21
गुरु (बृहस्पति) अस्त (5 जनवरी तक)†
16 दिसंबररात 2:48
सूर्य का धनु में प्रवेश
16 दिसंबरदोपहर 2:01
बुध का धनु में प्रवेश
19 दिसंबरसुबह 8:39
शनि सिंह 14°36′ पर वक्री
25 दिसंबरदोपहर 12:59
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
