पंचांग · गोचर
गोचर 2008: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2008 में राहु 30 अप्रैल को मकर में, गुरु (बृहस्पति) 10 दिसंबर को मकर में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय पर्थ के स्थानीय समय (Australia/Perth, AWDT/AWST) में।
1 जनवरी 2008 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में16 दिसंबर 2007 से, 15 जनवरी 2008 तक
- चन्द्रकन्या में30 दिसंबर 2007 से, 1 जनवरी 2008 तक
- मंगलवक्रीमिथुन में16 सितंबर 2007 से, 28 अप्रैल 2008 तक
- बुधधनु में17 दिसंबर 2007 से, 4 जनवरी 2008 तक
- गुरु (बृहस्पति)धनु में22 नवंबर 2007 से, 10 दिसंबर 2008 तक
- शुक्रवृश्चिक में26 दिसंबर 2007 से, 19 जनवरी 2008 तक
- शनिवक्रीसिंह में16 जुलाई 2007 से, 10 सितंबर 2009 तक
- राहुकुम्भ में12 अक्टूबर 2006 से, 30 अप्रैल 2008 तक
- केतुसिंह में12 अक्टूबर 2006 से, 30 अप्रैल 2008 तक
2008 का गोचर कैलेंडर
सभी समय पर्थ के स्थानीय समय (Australia/Perth, AWDT/AWST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2008
4 जनवरीरात 8:50
बुध का मकर में प्रवेश
6 जनवरीदोपहर 1:00
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
10 जनवरीशाम 4:49
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
15 जनवरीरात 3:28
सूर्य का मकर में प्रवेश
19 जनवरीशाम 7:01
शुक्र का धनु में प्रवेश
29 जनवरीसुबह 5:30
बुध मकर 29°55′ पर वक्री
31 जनवरीसुबह 7:37
मंगल मिथुन 0°07′ पर मार्गी
फ़रवरी 2008
1 फ़रवरीरात 12:43
बुध अस्त (12 फ़रवरी तक)†
12 फ़रवरीरात 8:09
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
13 फ़रवरीसुबह 4:04
शुक्र का मकर में प्रवेश
13 फ़रवरीशाम 4:25
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
19 फ़रवरीसुबह 11:57
बुध मकर 14°21′ पर मार्गी
मार्च 2008
8 मार्चसुबह 10:45
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
10 मार्चशाम 5:56
बुध का कुम्भ में प्रवेश
14 मार्चदोपहर 1:17
सूर्य का मीन में प्रवेश
30 मार्चशाम 4:00
बुध का मीन में प्रवेश
अप्रैल 2008
1 अप्रैलशाम 4:22
शुक्र का मीन में प्रवेश
2 अप्रैलसुबह 6:47
बुध अस्त (29 अप्रैल तक)†
13 अप्रैलरात 8:49
सूर्य का मेष में प्रवेश
15 अप्रैलसुबह 8:14
बुध का मेष में प्रवेश
26 अप्रैलरात 12:03
शुक्र का मेष में प्रवेश
28 अप्रैलशाम 4:58
मंगल का कर्क में प्रवेश
29 अप्रैलसुबह 9:08
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
29 अप्रैलरात 8:05
बुध का वृषभ में प्रवेश
30 अप्रैलदोपहर 3:21
राहु का मकर में प्रवेश (वक्री गति से)
30 अप्रैलदोपहर 3:21
केतु का कर्क में प्रवेश (वक्री गति से)
मई 2008
3 मईरात 2:26
शुक्र अस्त (15 जुलाई तक)†
3 मईसुबह 11:37
शनि सिंह 7°43′ पर मार्गी
9 मईशाम 7:53
गुरु (बृहस्पति) धनु 28°24′ पर वक्री
14 मईशाम 5:44
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
20 मईसुबह 9:07
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
26 मईरात 11:46
बुध वृषभ 27°34′ पर वक्री
30 मईसुबह 11:15
बुध अस्त (16 जून तक)†
जून 2008
13 जूनशाम 7:01
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
15 जूनरात 12:22
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
16 जूनदोपहर 12:28
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
19 जूनरात 10:31
बुध वृषभ 19°01′ पर मार्गी
21 जूनशाम 7:10
मंगल का सिंह में प्रवेश
जुलाई 2008
6 जुलाईरात 9:23
बुध का मिथुन में प्रवेश
8 जुलाईसुबह 4:57
शुक्र का कर्क में प्रवेश
15 जुलाईरात 9:35
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
16 जुलाईसुबह 11:16
सूर्य का कर्क में प्रवेश
17 जुलाईदोपहर 12:32
बुध अस्त (13 अगस्त तक)†
23 जुलाईरात 11:16
बुध का कर्क में प्रवेश
अगस्त 2008
1 अगस्तदोपहर 2:40
शुक्र का सिंह में प्रवेश
7 अगस्तदोपहर 1:45
बुध का सिंह में प्रवेश
10 अगस्तसुबह 5:06
मंगल का कन्या में प्रवेश
13 अगस्तसुबह 8:50
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
16 अगस्तशाम 7:42
सूर्य का सिंह में प्रवेश
17 अगस्तदोपहर 1:28
शनि अस्त (22 सितंबर तक)†
25 अगस्तसुबह 5:57
बुध का कन्या में प्रवेश
26 अगस्तरात 12:48
शुक्र का कन्या में प्रवेश
सितंबर 2008
8 सितंबरदोपहर 12:33
गुरु (बृहस्पति) धनु 18°34′ पर मार्गी
16 सितंबरशाम 7:41
सूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सितंबरदोपहर 12:36
शुक्र का तुला में प्रवेश
22 सितंबररात 2:25
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
24 सितंबरदोपहर 3:16
बुध कन्या 28°52′ पर वक्री
25 सितंबरदोपहर 1:15
मंगल का तुला में प्रवेश
अक्टूबर 2008
1 अक्टूबरसुबह 7:31
बुध अस्त (13 अक्टूबर तक)†
9 अक्टूबररात 10:39
मंगल अस्त (9 फ़रवरी तक)†
13 अक्टूबरदोपहर 12:29
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
14 अक्टूबररात 3:21
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
16 अक्टूबरसुबह 4:06
बुध कन्या 13°35′ पर मार्गी
17 अक्टूबरसुबह 7:40
सूर्य का तुला में प्रवेश
नवंबर 2008
1 नवंबरसुबह 6:11
बुध का तुला में प्रवेश
2 नवंबरशाम 5:25
बुध अस्त (21 दिसंबर तक)†
7 नवंबररात 11:55
शुक्र का धनु में प्रवेश
8 नवंबरसुबह 6:02
मंगल का वृश्चिक में प्रवेश
16 नवंबरसुबह 8:28
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
19 नवंबररात 9:08
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
दिसंबर 2008
3 दिसंबरसुबह 5:04
शुक्र का मकर में प्रवेश
8 दिसंबररात 10:52
बुध का धनु में प्रवेश
10 दिसंबररात 2:22
गुरु (बृहस्पति) का मकर में प्रवेश
15 दिसंबररात 11:04
सूर्य का धनु में प्रवेश
19 दिसंबरदोपहर 2:48
मंगल का धनु में प्रवेश
21 दिसंबरदोपहर 1:27
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
28 दिसंबरसुबह 9:15
बुध का मकर में प्रवेश
29 दिसंबरसुबह 9:45
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
