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School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · गोचर

गोचर 2009: ग्रह कब राशि बदलते हैं

2009 में गुरु (बृहस्पति) 1 मई को कुम्भ में, गुरु (बृहस्पति) 31 जुलाई को मकर में, शनि 10 सितंबर को कन्या में, राहु 17 नवंबर को धनु में, गुरु (बृहस्पति) 20 दिसंबर को कुम्भ में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।

सभी समय एडिलेड के स्थानीय समय (Australia/Adelaide, ACDT/ACST) में।

1 जनवरी 2009 को ग्रह

निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।

2009 का गोचर कैलेंडर

सभी समय एडिलेड के स्थानीय समय (Australia/Adelaide, ACDT/ACST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।

राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय

जनवरी 2009

  • 1 जनवरीसुबह 4:07

    शनि सिंह 27°47′ पर वक्री

  • 10 जनवरीदोपहर 2:49

    गुरु (बृहस्पति) अस्त (7 फ़रवरी तक)†

  • 12 जनवरीरात 3:13

    बुध मकर 13°47′ पर वक्री

  • 14 जनवरीसुबह 11:15

    सूर्य का मकर में प्रवेश

  • 15 जनवरीसुबह 6:31

    बुध अस्त (26 जनवरी तक)†

  • 26 जनवरीदोपहर 3:10

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 27 जनवरीरात 2:02

    बुध का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 27 जनवरीशाम 4:49

    शुक्र का मीन में प्रवेश

  • 28 जनवरीसुबह 7:11

    मंगल का मकर में प्रवेश

फ़रवरी 2009

  • 1 फ़रवरीशाम 5:40

    बुध धनु 27°46′ पर मार्गी

  • 7 फ़रवरीशाम 7:01

    गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 8 फ़रवरीरात 2:44

    बुध का मकर में प्रवेश

  • 9 फ़रवरीसुबह 9:28

    मंगल का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 13 फ़रवरीरात 12:12

    सूर्य का कुम्भ में प्रवेश

मार्च 2009

  • 5 मार्चसुबह 8:33

    बुध का कुम्भ में प्रवेश

  • 7 मार्चरात 3:45

    शुक्र मीन 21°29′ पर वक्री

  • 7 मार्चरात 9:17

    मंगल का कुम्भ में प्रवेश

  • 14 मार्चरात 9:04

    सूर्य का मीन में प्रवेश

  • 15 मार्चशाम 7:54

    बुध अस्त (13 अप्रैल तक)†

  • 23 मार्चरात 2:31

    बुध का मीन में प्रवेश

  • 23 मार्चसुबह 6:14

    शुक्र अस्त (2 अप्रैल तक)†

अप्रैल 2009

  • 2 अप्रैलसुबह 5:59

    शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 7 अप्रैलरात 1:17

    बुध का मेष में प्रवेश

  • 13 अप्रैलरात 10:50

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 14 अप्रैलसुबह 4:35

    सूर्य का मेष में प्रवेश

  • 15 अप्रैलसुबह 5:17

    मंगल का मीन में प्रवेश

  • 18 अप्रैलसुबह 4:55

    शुक्र मीन 5°13′ पर मार्गी

  • 24 अप्रैलसुबह 9:36

    बुध का वृषभ में प्रवेश

मई 2009

  • 1 मईरात 9:11

    गुरु (बृहस्पति) का कुम्भ में प्रवेश

  • 7 मईदोपहर 2:29

    बुध वृषभ 7°46′ पर वक्री

  • 10 मईसुबह 8:20

    बुध अस्त (27 मई तक)†

  • 15 मईरात 1:28

    सूर्य का वृषभ में प्रवेश

  • 17 मईदोपहर 12:08

    शनि सिंह 20°56′ पर मार्गी

  • 24 मईसुबह 6:46

    मंगल का मेष में प्रवेश

  • 25 मईशाम 7:33

    बुध का मेष में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 27 मईरात 1:55

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 31 मईसुबह 8:50

    शुक्र का मेष में प्रवेश

  • 31 मईसुबह 10:52

    बुध मेष 28°53′ पर मार्गी

जून 2009

  • 5 जूनरात 10:16

    बुध का वृषभ में प्रवेश

  • 15 जूनसुबह 8:04

    सूर्य का मिथुन में प्रवेश

  • 15 जूनशाम 5:02

    गुरु (बृहस्पति) कुम्भ 3°02′ पर वक्री

  • 30 जूनसुबह 4:27

    शुक्र का वृषभ में प्रवेश

जुलाई 2009

  • 1 जुलाईरात 2:33

    बुध का मिथुन में प्रवेश

  • 2 जुलाईसुबह 5:07

    बुध अस्त (27 जुलाई तक)†

  • 4 जुलाईरात 12:56

    मंगल का वृषभ में प्रवेश

  • 15 जुलाईदोपहर 12:19

    बुध का कर्क में प्रवेश

  • 16 जुलाईशाम 6:55

    सूर्य का कर्क में प्रवेश

  • 27 जुलाईसुबह 4:58

    शुक्र का मिथुन में प्रवेश

  • 27 जुलाईशाम 5:30

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 30 जुलाईशाम 7:45

    बुध का सिंह में प्रवेश

  • 31 जुलाईरात 1:29

    गुरु (बृहस्पति) का मकर में प्रवेश (वक्री गति से)

अगस्त 2009

  • 16 अगस्तशाम 7:08

    मंगल का मिथुन में प्रवेश

  • 17 अगस्तरात 3:16

    सूर्य का सिंह में प्रवेश

  • 20 अगस्तसुबह 9:13

    बुध का कन्या में प्रवेश

  • 22 अगस्तरात 12:05

    शुक्र का कर्क में प्रवेश

  • 31 अगस्तसुबह 11:04

    शनि अस्त (5 अक्टूबर तक)†

सितंबर 2009

  • 7 सितंबरदोपहर 2:14

    बुध कन्या 12°14′ पर वक्री

  • 10 सितंबररात 2:24

    शनि का कन्या में प्रवेश

  • 14 सितंबरदोपहर 3:27

    बुध अस्त (27 सितंबर तक)†

  • 16 सितंबररात 12:29

    शुक्र का सिंह में प्रवेश

  • 17 सितंबररात 3:11

    सूर्य का कन्या में प्रवेश

  • 24 सितंबरदोपहर 12:27

    बुध का सिंह में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 27 सितंबरसुबह 11:46

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 29 सितंबररात 10:43

    बुध सिंह 27°37′ पर मार्गी

अक्टूबर 2009

  • 5 अक्टूबरसुबह 8:35

    बुध का कन्या में प्रवेश

  • 5 अक्टूबरदोपहर 1:59

    मंगल का कर्क में प्रवेश

  • 5 अक्टूबरशाम 5:02

    शनि का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 10 अक्टूबरदोपहर 12:47

    शुक्र का कन्या में प्रवेश

  • 13 अक्टूबरदोपहर 3:20

    गुरु (बृहस्पति) मकर 23°11′ पर मार्गी

  • 16 अक्टूबररात 1:30

    बुध अस्त (1 दिसंबर तक)†

  • 17 अक्टूबरशाम 4:08

    सूर्य का तुला में प्रवेश

  • 25 अक्टूबरसुबह 7:10

    बुध का तुला में प्रवेश

नवंबर 2009

  • 3 नवंबरदोपहर 3:35

    शुक्र का तुला में प्रवेश

  • 12 नवंबरदोपहर 3:01

    बुध का वृश्चिक में प्रवेश

  • 16 नवंबरदोपहर 3:59

    सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश

  • 17 नवंबररात 8:49

    राहु का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 17 नवंबररात 8:49

    केतु का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 27 नवंबरदोपहर 1:48

    शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश

दिसंबर 2009

  • 1 दिसंबरसुबह 8:25

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 1 दिसंबरशाम 6:01

    शुक्र अस्त (22 फ़रवरी तक)†

  • 2 दिसंबररात 2:55

    बुध का धनु में प्रवेश

  • 16 दिसंबरसुबह 6:40

    सूर्य का धनु में प्रवेश

  • 20 दिसंबरसुबह 4:09

    गुरु (बृहस्पति) का कुम्भ में प्रवेश

  • 20 दिसंबररात 11:52

    मंगल कर्क 25°42′ पर वक्री

  • 21 दिसंबरसुबह 10:13

    शुक्र का धनु में प्रवेश

  • 27 दिसंबररात 1:07

    बुध धनु 27°48′ पर वक्री

  • 30 दिसंबरदोपहर 2:19

    बुध अस्त (10 जनवरी तक)†

† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।

यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति

समझें

गोचर क्या है

गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।

वक्री और मार्गी

पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।

अस्त (दहन)

जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।

निरयण राशियाँ

भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।

यह गणना कैसे हुई

NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।

पंचांग में और