पंचांग · गोचर
गोचर 2013: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2013 में गुरु (बृहस्पति) 31 मई को मिथुन में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
1 जनवरी 2013 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में15 दिसंबर 2012 से, 14 जनवरी 2013 तक
- चन्द्रकर्क में30 दिसंबर 2012 से, 1 जनवरी 2013 तक
- मंगलमकर में18 दिसंबर 2012 से, 25 जनवरी 2013 तक
- बुधधनु में27 दिसंबर 2012 से, 15 जनवरी 2013 तक
- गुरु (बृहस्पति)वक्रीवृषभ में17 मई 2012 से, 31 मई 2013 तक
- शुक्रवृश्चिक में11 दिसंबर 2012 से, 4 जनवरी 2013 तक
- शनितुला में4 अगस्त 2012 से, 2 नवंबर 2014 तक
- राहुतुला में23 दिसंबर 2012 से, 13 जुलाई 2014 तक
- केतुमेष में23 दिसंबर 2012 से, 13 जुलाई 2014 तक
2013 का गोचर कैलेंडर
समय भारतीय मानक समय (IST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2013
4 जनवरीदोपहर 3:24
शुक्र का धनु में प्रवेश
14 जनवरीसुबह 6:47
सूर्य का मकर में प्रवेश
15 जनवरीरात 10:40
बुध का मकर में प्रवेश
25 जनवरीशाम 6:17
मंगल का कुम्भ में प्रवेश
28 जनवरीदोपहर 2:01
शुक्र का मकर में प्रवेश
30 जनवरीशाम 5:23
गुरु (बृहस्पति) वृषभ 12°17′ पर मार्गी
31 जनवरीदोपहर 2:44
मंगल अस्त (27 जून तक)†
फ़रवरी 2013
2 फ़रवरीसुबह 10:21
बुध का कुम्भ में प्रवेश
7 फ़रवरीसुबह 6:01
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
12 फ़रवरीशाम 7:49
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
16 फ़रवरीदोपहर 2:14
शुक्र अस्त (6 मई तक)†
18 फ़रवरीरात 10:00
शनि तुला 17°29′ पर वक्री
21 फ़रवरीदोपहर 1:03
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
23 फ़रवरीदोपहर 3:10
बुध कुम्भ 25°50′ पर वक्री
26 फ़रवरीरात 1:38
बुध अस्त (10 मार्च तक)†
मार्च 2013
4 मार्चरात 8:25
मंगल का मीन में प्रवेश
10 मार्चरात 10:43
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
14 मार्चशाम 4:45
सूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्चदोपहर 1:49
शुक्र का मीन में प्रवेश
18 मार्चरात 1:33
बुध कुम्भ 11°36′ पर मार्गी
अप्रैल 2013
10 अप्रैलरात 1:48
बुध का मीन में प्रवेश
10 अप्रैलशाम 5:22
शुक्र का मेष में प्रवेश
12 अप्रैलशाम 7:23
मंगल का मेष में प्रवेश
14 अप्रैलरात 1:17
सूर्य का मेष में प्रवेश
28 अप्रैलशाम 6:23
बुध का मेष में प्रवेश
29 अप्रैलरात 3:48
बुध अस्त (24 मई तक)†
मई 2013
5 मईरात 12:19
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
6 मईदोपहर 2:24
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
13 मईसुबह 8:34
बुध का वृषभ में प्रवेश
14 मईरात 10:10
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
23 मईसुबह 8:59
मंगल का वृषभ में प्रवेश
24 मईसुबह 6:45
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
28 मईरात 12:34
बुध का मिथुन में प्रवेश
29 मईसुबह 10:46
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
31 मईसुबह 6:02
गुरु (बृहस्पति) का मिथुन में प्रवेश
जून 2013
4 जूनशाम 6:30
गुरु (बृहस्पति) अस्त (5 जुलाई तक)†
15 जूनसुबह 4:44
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
23 जूनरात 12:50
शुक्र का कर्क में प्रवेश
26 जूनशाम 6:36
बुध मिथुन 29°04′ पर वक्री
27 जूनशाम 6:57
मंगल का उदय (अस्त समाप्त)†
जुलाई 2013
2 जुलाईरात 12:41
बुध अस्त (18 जुलाई तक)†
5 जुलाईरात 12:56
मंगल का मिथुन में प्रवेश
5 जुलाईरात 1:47
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
8 जुलाईसुबह 11:15
शनि तुला 10°47′ पर मार्गी
16 जुलाईदोपहर 3:34
सूर्य का कर्क में प्रवेश
17 जुलाईशाम 7:24
शुक्र का सिंह में प्रवेश
18 जुलाईसुबह 8:33
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
20 जुलाईरात 11:52
बुध मिथुन 19°19′ पर मार्गी
अगस्त 2013
4 अगस्तरात 9:30
बुध का कर्क में प्रवेश
11 अगस्तसुबह 8:44
बुध अस्त (10 सितंबर तक)†
11 अगस्तरात 8:39
शुक्र का कन्या में प्रवेश
16 अगस्तरात 11:56
सूर्य का सिंह में प्रवेश
19 अगस्तरात 1:42
मंगल का कर्क में प्रवेश
21 अगस्तसुबह 4:50
बुध का सिंह में प्रवेश
सितंबर 2013
6 सितंबररात 12:47
बुध का कन्या में प्रवेश
6 सितंबरसुबह 8:31
शुक्र का तुला में प्रवेश
10 सितंबरदोपहर 3:36
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
16 सितंबररात 11:52
सूर्य का कन्या में प्रवेश
25 सितंबरसुबह 6:26
बुध का तुला में प्रवेश
अक्टूबर 2013
2 अक्टूबरदोपहर 2:45
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
5 अक्टूबरशाम 7:24
मंगल का सिंह में प्रवेश
17 अक्टूबरसुबह 11:50
सूर्य का तुला में प्रवेश
20 अक्टूबरशाम 4:15
शनि अस्त (23 नवंबर तक)†
21 अक्टूबरदोपहर 3:58
बुध तुला 24°21′ पर वक्री
27 अक्टूबरसुबह 11:31
बुध अस्त (7 नवंबर तक)†
30 अक्टूबरदोपहर 2:15
शुक्र का धनु में प्रवेश
नवंबर 2013
7 नवंबरसुबह 10:16
गुरु (बृहस्पति) मिथुन 26°28′ पर वक्री
7 नवंबररात 10:39
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
11 नवंबररात 2:42
बुध तुला 8°26′ पर मार्गी
16 नवंबरसुबह 11:39
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
23 नवंबरदोपहर 3:01
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
26 नवंबरशाम 7:16
मंगल का कन्या में प्रवेश
दिसंबर 2013
1 दिसंबरसुबह 9:58
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
3 दिसंबरदोपहर 2:41
बुध अस्त (20 जनवरी तक)†
5 दिसंबरदोपहर 2:00
शुक्र का मकर में प्रवेश
16 दिसंबररात 2:18
सूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिसंबररात 8:50
बुध का धनु में प्रवेश
22 दिसंबररात 3:21
शुक्र मकर 4°56′ पर वक्री
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
