पंचांग · गोचर
गोचर 2018: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2018 में गुरु (बृहस्पति) 11 अक्टूबर को वृश्चिक में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय सैन फ़्रांसिस्को के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
1 जनवरी 2018 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में15 दिसंबर 2017 से, 14 जनवरी 2018 तक
- चन्द्रमिथुन में31 दिसंबर 2017 से, 2 जनवरी 2018 तक
- मंगलतुला में29 नवंबर 2017 से, 16 जनवरी 2018 तक
- बुधवृश्चिक में10 दिसंबर 2017 से, 6 जनवरी 2018 तक
- गुरु (बृहस्पति)तुला में11 सितंबर 2017 से, 11 अक्टूबर 2018 तक
- शुक्रधनु में20 दिसंबर 2017 से, 13 जनवरी 2018 तक
- शनिधनु में26 अक्टूबर 2017 से, 23 जनवरी 2020 तक
- राहुकर्क में17 अगस्त 2017 से, 6 मार्च 2019 तक
- केतुमकर में17 अगस्त 2017 से, 6 मार्च 2019 तक
2018 का गोचर कैलेंडर
सभी समय सैन फ़्रांसिस्को के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2018
6 जनवरीसुबह 6:18
बुध का धनु में प्रवेश
7 जनवरीसुबह 4:25
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
13 जनवरीरात 1:13
शुक्र का मकर में प्रवेश
14 जनवरीरात 12:15
सूर्य का मकर में प्रवेश
16 जनवरीदोपहर 3:39
मंगल का वृश्चिक में प्रवेश
26 जनवरीरात 10:22
बुध अस्त (5 मार्च तक)†
27 जनवरीसुबह 11:32
बुध का मकर में प्रवेश
फ़रवरी 2018
5 फ़रवरीरात 10:27
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
12 फ़रवरीदोपहर 1:16
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
14 फ़रवरीदोपहर 1:53
बुध का कुम्भ में प्रवेश
19 फ़रवरीदोपहर 2:57
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
मार्च 2018
1 मार्चरात 10:11
शुक्र का मीन में प्रवेश
2 मार्चशाम 5:23
बुध का मीन में प्रवेश
5 मार्चदोपहर 1:11
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
7 मार्चसुबह 4:55
मंगल का धनु में प्रवेश
8 मार्चरात 8:27
गुरु (बृहस्पति) तुला 29°07′ पर वक्री
14 मार्चसुबह 11:11
सूर्य का मीन में प्रवेश
22 मार्चशाम 5:18
बुध मीन 22°48′ पर वक्री
24 मार्चरात 11:55
बुध अस्त (8 अप्रैल तक)†
26 मार्चरात 3:16
शुक्र का मेष में प्रवेश
अप्रैल 2018
8 अप्रैलसुबह 8:51
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
13 अप्रैलशाम 7:42
सूर्य का मेष में प्रवेश
15 अप्रैलरात 2:21
बुध मीन 10°40′ पर मार्गी
17 अप्रैलशाम 6:12
शनि धनु 15°02′ पर वक्री
19 अप्रैलदोपहर 1:38
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
मई 2018
2 मईरात 3:45
मंगल का मकर में प्रवेश
9 मईसुबह 5:01
बुध का मेष में प्रवेश
14 मईसुबह 8:16
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
14 मईशाम 4:33
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
24 मईदोपहर 12:45
बुध अस्त (17 जून तक)†
26 मईशाम 7:53
बुध का वृषभ में प्रवेश
जून 2018
8 जूनदोपहर 2:11
शुक्र का कर्क में प्रवेश
9 जूनशाम 7:02
बुध का मिथुन में प्रवेश
14 जूनरात 11:06
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
17 जूनरात 10:28
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
25 जूनसुबह 5:34
बुध का कर्क में प्रवेश
26 जूनदोपहर 2:00
मंगल मकर 15°07′ पर वक्री
जुलाई 2018
4 जुलाईदोपहर 1:54
शुक्र का सिंह में प्रवेश
10 जुलाईसुबह 10:20
गुरु (बृहस्पति) तुला 19°14′ पर मार्गी
16 जुलाईसुबह 9:56
सूर्य का कर्क में प्रवेश
25 जुलाईरात 10:01
बुध कर्क 29°20′ पर वक्री
31 जुलाईरात 11:56
शुक्र का कन्या में प्रवेश
अगस्त 2018
1 अगस्तदोपहर 2:53
बुध अस्त (16 अगस्त तक)†
16 अगस्तदोपहर 12:12
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
16 अगस्तशाम 6:19
सूर्य का सिंह में प्रवेश
18 अगस्तरात 9:25
बुध कर्क 17°25′ पर मार्गी
27 अगस्तसुबह 7:09
मंगल मकर 4°30′ पर मार्गी
सितंबर 2018
1 सितंबरसुबह 10:56
शुक्र का तुला में प्रवेश
2 सितंबरसुबह 8:36
बुध का सिंह में प्रवेश
5 सितंबररात 3:46
बुध अस्त (10 अक्टूबर तक)†
6 सितंबरसुबह 4:42
शनि धनु 8°26′ पर मार्गी
16 सितंबरशाम 6:16
सूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सितंबरदोपहर 3:44
बुध का कन्या में प्रवेश
अक्टूबर 2018
5 अक्टूबरदोपहर 12:02
शुक्र तुला 16°43′ पर वक्री
6 अक्टूबररात 12:12
बुध का तुला में प्रवेश
10 अक्टूबररात 10:09
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
11 अक्टूबरसुबह 6:52
गुरु (बृहस्पति) का वृश्चिक में प्रवेश
17 अक्टूबरसुबह 6:14
सूर्य का तुला में प्रवेश
21 अक्टूबरसुबह 6:24
शुक्र अस्त (31 अक्टूबर तक)†
26 अक्टूबरसुबह 8:13
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
31 अक्टूबरसुबह 7:40
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
नवंबर 2018
5 नवंबरशाम 6:53
मंगल का कुम्भ में प्रवेश
11 नवंबररात 10:48
गुरु (बृहस्पति) अस्त (9 दिसंबर तक)†
16 नवंबररात 2:52
शुक्र तुला 1°08′ पर मार्गी
16 नवंबरसुबह 5:02
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
16 नवंबरशाम 5:32
बुध वृश्चिक 19°22′ पर वक्री
21 नवंबरदोपहर 1:50
बुध अस्त (2 दिसंबर तक)†
दिसंबर 2018
2 दिसंबरदोपहर 2:52
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
6 दिसंबरदोपहर 1:22
बुध वृश्चिक 3°09′ पर मार्गी
9 दिसंबररात 8:10
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
15 दिसंबरशाम 7:40
सूर्य का धनु में प्रवेश
16 दिसंबरसुबह 6:22
शनि अस्त (18 जनवरी तक)†
22 दिसंबररात 11:27
मंगल का मीन में प्रवेश
31 दिसंबररात 8:20
बुध का धनु में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
